“नक्सली आतंक का विघटन तय, बसव राजू के बाद नेतृत्व का संकट”, पाञ्चजन्य, मई 31, 2025
“छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित प्रदेशों में भी लगातार कमजोर होते नक्सल संगठन में 21 मई को अबूझमाड़ में संगठन का महासचिव और नक्सली संगठन का शीर्षस्थ नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसव राजू मारा गया। इसके बाद से लगातार जारी मुठभेड़ में जहां नक्सली संगठन के कई बड़े नेता सहित दूसरी पंक्ति के नक्सली कैडर मारे जा रहे हैं वहीं नक्सलियों के आत्मसमर्पण व गिरफ्तारी से पूरा नक्सली संगठन तहस-नहस हो गया है। बस्तर आईजी का कहना है कि नक्सली संगठन आज पूर्णतः विघटन की कगार पर है।
सुरक्षाबलों के अनुसार बस्तर संभाग में अब केवल 300 सशस्त्र नक्सली कैडर ही बचे हैं, जिनमें शीर्ष नक्सली कैडर की संख्या लगभग 25 है। नक्सली संगठन का शीर्षस्थ नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसव राजू मारे जाने के बाद अब सुरक्षाबलों ने करोड़ों के इनामी 15 शीर्ष नक्सलियों में पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी सदस्य सुरक्षाबलों के निशाने पर हैं। सुरक्षाबलों का दावा है कि उक्त 15 शीर्ष नक्सलियों में से 9 नक्सली बस्तर के जंगलों में छिपे हुए हैं। प्रदेश में 30 मार्च 2026 तक नक्सलियों के समूल सफाये को लेकर नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा कर दिया जाएगा।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. का कहना है कि, नक्सली संगठन आज पूर्णतः विघटन की कगार पर है, जहां कोई नेतृत्व नहीं बचा है। नंबाला केशव राव उर्फ बसव राजू के मारे जाने बाद उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं अब बेमानी हैं। उसकी मौत के साथ ही यह आंदोलन अपनी वैचारिक और संचालन क्षमता भी खो चुका है। यह माना जा सकता है कि नंबाला केशव राव उर्फ बसव राजू ही इस अवैध नक्सली संगठन का अंतिम महासचिव था । सुरक्षाबलों का लक्ष्य अब शीर्ष नक्सलियों को निशाना बनाना है। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त बस्तर मिशन अब केवल एक सपना नहीं बल्कि तेजी से साकार होती हुई हकीकत है……..”
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