सब हेड- पश्चिम बंगाल पुलिस ने राजस्थान पुलिस व गैरसरकारी संगठनों एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और कोसी लोक मंच के सहयोग से की कार्रवाई
ट्रैफिकिंग के जरिए लाई गई बांग्लादेश सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के कूच बिहार के दिनहाटा की एक नाबालिग लड़की को राजस्थान के जयपुर में एक स्पा सेंटर से मुक्त कराया गया। पश्चिम बंगाल पुलिस ने छापे की यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस व एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन (एवीए) और कोसी लोक मंच के सहयोग से की। इस मामले में बच्ची के माता-पिता ने 18 जून को उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छानबीन के दौरान पुलिस ने बच्ची के फोन को सर्विलांस पर लगाया जिसमें उसकी लोकेशन जयपुर मिली। पुलिस ने कूच बिहार सहित पश्चिम बंगाल के कई जिलों में काम कर रहे गैर सरकारी संगठन कोसी लोक मंच से संपर्क कर बच्ची का पता लगाने में मदद मांगी जिसने तत्काल यह सूचना राजस्थान में एवीए पदाधिकारियों से साझा की। एवीए और कोसी लोक मंच बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए काम कर रहे 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी हैं।

पश्चिम बंगाल पुलिस नाबालिग बच्ची की मां के साथ रविवार को जयपुर पहुंची और राजस्थान पुलिस व एवीए की टीम के साथ मिलकर बच्ची की तलाश शुरू की। हालांकि इस दौरान बच्ची की लोकेशन लगातार बदलती रही। लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम सांगानेर थाने पहुंची लेकिन वहां बताया गया कि यह इलाका प्रतापगढ़ थाने में आता है। आखिर में पुलिस को सोमवार को जालूपुरा थाना क्षेत्र में लड़की की लोकेशन मिली और छापा मारकर बच्ची को मुक्त कराया गया। आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास जारी हैं।
नवीं कक्षा तक पढ़ी बच्ची ने बताया कि दिनहाटा में उसकी जान-पहचान का एक लड़का उसे अच्छी नौकरी का झांसा देकर जयपुर ले आया और अपने दोस्त करन के हवाले कर दिया। करन पर पहले भी देह व्यापार में संलिप्तता के आरोप रहे हैं और नौकरी दिलाने के के बहाने उसने लड़की को स्पा सेंटर भेज दिया। लड़की की मां ने आरोप लगाया कि नाबालिग का यौन शोषण किया गया है। लड़की की मां भी पहले जयपुर में घरेलू सहायिका का काम करती थी जबकि पिता दिनहाटा में किसानी करते हैं।
बच्ची को स्पा सेंटर से सफलतापूर्वक मुक्त कराने पर राजस्थान व पश्चिम बंगाल पुलिस की सराहना करते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, “यह पुलिस व नागरिक समाज संगठनों के आपसी सहयोग व समन्वय का परिणाम है। ट्रैफिकिंग एक अंतरराज्यीय अपराध है और इससे निपटने के लिए अंतरराज्यीय सहयोग की जरूरत है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन आपसी तालमेल व पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर यही कर रहे हैं और इसी वजह से बांग्लादेश सीमा से लाई गई लड़की को हमें जयपुर से मुक्त कराने में सफलता मिली।”
(यह प्रेस विज्ञप्ति यथावत प्रकाशित की गई है)
