महासमुंद में 15 माओवादियों ने डाले हथियार, गरियाबंद में 46 लाख कैश और हथियार जब्त

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में शनिवार रात 15 माओवादियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया, जबकि गरियाबंद में सुरक्षाबलों ने 46 लाख से ज्यादा कैश और भारी हथियार बरामद किए।

महासमुंद में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बालांगीर-बरगढ़-महासमुंद यानी BBM डिवीजन से जुड़े 15 माओवादी कैडर सामने आए। इनमें विकास जो स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर था, दिनेश, कविता, सविता, जुगनू, सस्मिता, अमिता, मीना जैसे प्लाटून मेंबर शामिल रहे। मंगेश और बेबी डिवीजनल कमेटी मेंबर रहे, जबकि रिंकू, अस्मिता, होलिका, रीता और नीला एरिया कमेटी मेंबर के तौर पर काम करते थे।

Maoists surrender with weapons in महासमुंद, Chhattisgarh, India.

इन 15 में एक स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर, दो डिवीजनल कमेटी मेंबर, पांच एरिया कमेटी मेंबर और सात प्लाटून मेंबर शामिल रहे। सरेंडर के दौरान ये लोग तीन AK-47 राइफल, दो SLR, तीन .303 राइफल, तीन 12 बोर बंदूक, दो INSAS राइफल और एक 14 मस्केट लेकर आए। पुलिस ने साफ कहा कि लगातार कार्रवाई और दबाव ने संगठन की कमर तोड़ दी।

सूत्रों के अनुसार, एक स्थानीय पत्रकार ने शुरुआती संपर्क कराने में मदद की, जबकि राज्य की इंटेलिजेंस यूनिट ने पूरी प्रक्रिया को समन्वित किया। पुलिस अब इन सभी की जांच करेगी और फिर राज्य की पुनर्वास नीति के तहत लाभ देगी।

Man with curly hair and beard, wearing a yellow cloth over shoulder, nighttime background.

इधर कांकेर जिले में भी बुधवार देर रात वरिष्ठ माओवादी कैडर मल्लेश ने सुरक्षाबलों के सामने हथियार डाले। अधिकारियों ने बताया कि नए सुरक्षा कैंप, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और गांवों तक विकास योजनाओं की पहुंच ने माओवादियों का प्रभाव लगातार घटाया। केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक देश से वामपंथी उग्रवाद खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में यह सरेंडर बड़ी सफलता माना जा रहा है।

Maoists' weapons, cash, and ammunition recovered in Chhattisgarh raid.

दूसरी ओर गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने भालूडिग्गी पहाड़ी के पास बड़ी कार्रवाई की। ओडिशा बॉर्डर से लगे ग्राम कड़ेदोरा के जंगल में 28 फरवरी को ई-30 ऑप्स टीम और DRG धमतरी की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। सरेंडर कर चुके नक्सलियों ने इनपुट दिया था कि प्रतिबंधित संगठन CPI माओवादी ने यहां भारी मात्रा में कैश और डंप छिपा रखा है।

टीम ने तलाशी के दौरान अलग अलग जगहों से 46 लाख 31 हजार 500 रुपए नकद बरामद किए। एक डंप से 2 लाख रुपए के पुराने 2 हजार के नोट और बाकी 500 रुपए के नोट मिले। दूसरे डंप से ग्रेनेड, बंदूक, कारतूस और इलेक्ट्रॉनिक सामान मिला। एडिशनल एसपी धीरेंद्र पटेल ने पुष्टि की कि दोनों डंप अलग अलग स्थानों पर छिपाए गए थे।

भालूडिग्गी पहाड़ पहले माओवादियों का बड़ा ठिकाना रहा। यहीं बैठकों का आयोजन होता था। करीब एक साल पहले इसी इलाके में 80 घंटे तक मुठभेड़ चली थी, जिसमें 16 माओवादी मारे गए थे। उस एनकाउंटर में 90 लाख का इनामी और सीसी मेंबर चलपति भी ढेर हुआ था। चलपति इसी पहाड़ी से धमतरी, नुआपड़ा और गरियाबंद क्षेत्र में नेटवर्क चलाता था।

सरेंडर कर चुके नक्सलियों ने खुलासा किया कि इस इलाके में 50 से 60 माओवादी सक्रिय रहे। जनवरी 2025 में हुए बड़े हमले के बाद संगठन बिखर गया। बरामद की गई रकम से पश्चिम ओडिशा में विस्तार की योजना थी। इन पैसों से वेतन देना, हथियार खरीदना और नेटवर्क फैलाना उनका मकसद था।

गरियाबंद के सुरक्षाबलों ने अब तक अलग-अलग अभियानों में 1 करोड़ 8 लाख रुपए से ज्यादा कैश जब्त किया है। लगातार कार्रवाई से यह इलाका अब लाल आतंक से मुक्त हो चुका है। सुरक्षा बलों के दबाव और सरकार की सख्त नीति ने माओवादी संगठन को कमजोर कर दिया है।

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Shomen Chandra
Shomen Chandra
Shomen Chandra contributes articles to select media organisations. He is the founding editor of The Tilda Times and holds a postgraduate degree in journalism and mass communication.

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