“TCS Case: हाउसकीपिंग स्टाफ बनकर दफ्तर में घुसी पुलिस, ऐसे किया दुष्कर्म और धर्मांतरण की साजिश का भंडाफोड़”, अमर उजाला, अप्रैल 16, 2026
“टीसीएस की नासिक इकाई में यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के मामले की एसआईटी जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि टीसीएस नासिक की एचआर मैनेजर निदा खान ने कर्मचारियों के 70 शिकायती मैसेज अनदेखे किए थे। साथ ही इस मामले के तार विदेश से जुड़ते दिख रहे हैं। एचआर मैनेजर निदा खान के आतंकी कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
एचआर मैनेजर निदा खान मुख्य साजिशकर्ता
एसआईटी के मुताबिक एचआर मैनेजर निदा खान ही मुख्य साजिशकर्ता हैं, जिन्होंने शिकायत को दबाने और आरोपी को बचाने की कोशिश की। जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों के बीच हुई लगभग 78 संदिग्ध कॉल, ईमेल और चैट के रिकॉर्ड बरामद किए। पुलिस को संभावित वित्तीय लेन-देन के भी सबूत मिले हैं। निदा खान ने पीड़ितों को बार-बार मामला भुलाने को कहा और कार्यालय में यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति का सदस्य होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
एसआईटी को एक व्हाट्सएप चैट मिली है जिसमें आरोपियों से मलेशिया के कुछ संदिग्ध उपदेशक के लिंक का भी पता चला है। एसआईटी की जांच में मिले डिजिटल साक्ष्य से यह सारी बातें इस ओर इशारा करती हैं कि टीसीएस दफ्तर के भीतर एक से कहीं अधिक नेटवर्क संचालित हो रहा था। पुलिस ने उन व्हाट्सएप ग्रुपो का पता लगाया है जिनका इस्तेमाल आरोपी कथित तौर पर सहकर्मियों के बारे में चर्चा करने, लक्ष्य निर्धारित करने और कार्रवाई की योजना बनाने के लिए करते थे। फॉरेंसिक उपकरणों की मदद से डिलीट की गई चैट को रिकवर किया जा रहा है जो मामले की जांच में तह तक पहुंचने में मददगार साबित हो सकता है। एसआईटी ने अब तक ऐसे 12 कर्मचारियों की पहचान की है जो इस रैकेट में शामिल हैं। कई टीम लीडर और इंजीनियर समेत सात आरोपियों आसिफ अंसारी, तौफीक अत्तर, दानिश शेख, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी और शफी शेख को गिरफ्तार किया जा चुका है……..”
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