“पाकिस्तान में हिंदू और ईसाई लड़कियों पर अत्याचार, यूएन के बाद अब यूरोपीय संसद ने भी खोली पोल”, जागरण, जुलाई 10, 2026
“आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान अल्पसंख्यक समुदायों पर अत्याचारों और उनके दमन के लिए भी बदनाम है। इन समुदायों विशेषकर हिंदुओं और ईसाइयों की बेटियों के अपहरण और जबरन मतांतरण की पोल संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की रिपोर्ट से पहले ही खुल चुकी है।
अब यूरोपीय संसद से पारित एक प्रस्ताव में भी वहां धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों की कम उम्र की लड़कियों के अपहरण, जबरन मतांतरण और बाल विवाह की बात उजागर की गई है। इसकी कड़ी निंदा की गई है।
यूरोपीय संसद से पारित प्रस्ताव में इस तरह के गलत कृत्यों के व्यापक पैटर्न पर चिंता जताई गई है। प्रस्ताव में खासतौर पर एक 13 वर्षीय मारिया शहबाज नामक पाकिस्तानी ईसाई लड़की का उल्लेख है। गत मार्च में मारिया का अपहरण किया था और उसको इस्लाम धर्म कुबूल कराया गया था…….”
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