“भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर भास्कर के 48 घंटे:आपस में शादियां हुईं, चोरी-छुपे मिलते थे; 20 दिन में सब बदल गया”, दैनिक भास्कर, अगस्त 20, 2024
“ ‘बांग्लादेश में अजान होती है, तो उसकी आवाज हमारे घर तक आती है। हमारे यहां के लोगों की शादियां बांग्लादेश में हुई हैं। पहले तो हम चोरी-छुपे इधर से उधर आना-जाना भी करते थे, लेकिन बीते 20 दिनों से हालात बदल चुके हैं। मौजूदा वक्त में कोई बांग्लादेश जाने की सोच भी नहीं सकता’
ये बात कहते हुए साहिब की आंखों में आंसू और डर दोनों नजर आते हैं। वे पश्चिम बंगाल के उत्तर-दिनाजपुर जिले में आने वाली कुकरौधा बॉर्डर के नजदीक रहते हैं। बांग्लादेश में चल रही हिंसा का सबसे ज्यादा असर बॉर्डर के नजदीक रहने वाले इन्हीं लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है, क्योंकि इनका बांग्लादेश से रोटी-बेटी का नाता है।
48 घंटे बॉर्डर पर बिताए तो पता चली हकीकत
भारत और बांग्लादेश कुल 4096 किलोमीटर बॉर्डर साझा करते हैं। इसमें से 2217 किलोमीटर बॉर्डर पश्चिम बंगाल से सटी हुई है और पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर से बिहार का किशनगंज महज 20 किलोमीटर की दूरी पर है। इसलिए पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेशी बिहार आना-जाना करते रहते हैं और बिहार में रहने वाले बांग्लादेशी भी इस रूट से बांग्लादेश जाते हैं…..”
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