“128 FIR, 32 गिरफ्तारियाँ… जानिए कोडिन के काले साम्राज्य को कैसे खत्म कर रही योगी सरकार, अखिलेश यादव से आलोक की कितनी करीबी?”, ऑपइंडिया, दिसंबर 19, 2025
“उत्तर प्रदेश में नशे के काले कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने जो अभियान छेड़ा है, वह न सिर्फ राज्य की सीमाओं को पार करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया के साम्राज्य को चूर-चूर करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। यूँ तो कोडिन से बने साधारण कफ सिरप फेन्सेडिल (Phensedyl) का इस्तेमाल खाँसी के इलाज के लिए होता है, लेकिन यह अवैध तस्करी के जरिए हेरोइन जैसी लत फैलाने वाला हथियार बन चुका है।
उत्तप्रदेश में इस दवा की अवैध ब्रिक्री का एक ऐसा रैकेट सामने आया जो राज्य या देश नहीं बल्कि विदेशों तक इसके अवैध कारोबार को फैला चुका था। साल 2024 में योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस मामले की जाँच के लिए एक जॉइंट ऑपरेशन का आदेश दिया। Food Safety and Drug Administration और राज्य की Special Task Force को आदेश मिला कि कोडिन बेस्ड दवाओं और सिरप का अवैध स्टोरेज और स्मगलिंग किया जा रहा है।
साल 2024 से शुरू हुई इस जाँच ने 2025 तक एक विशालकाय नेटवर्क को उजागर किया है, जिसमें 128 FIR दर्ज हुईं, 280 ड्रग लाइसेंस रद्द किए गए, 3.5 लाख से ज्यादा शीशियाँ जब्त की गईं और 32 प्रमुख आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। अनुमानित 425 करोड़ रुपये का यह काला साम्राज्य उत्तर प्रदेश के 28 जिलों से लेकर नेपाल, बांग्लादेश, दुबई और पाकिस्तान तक फैला था……”
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