मोगा हत्याकांड: आरएसएस के 25 स्वयंसेवकों ने बलिदान देकर खालिस्तानी आतंकियों की तोड़ी थी ‘कमर’

“मोगा हत्याकांड: RSS के 25 स्वयंसेवकों ने बलिदान देकर खालिस्तानी आतंकियों की तोड़ी थी ‘कमर’ ”, ऑपइंडिया, जून 25, 2024

“खालिस्तानी और जिहादी आतंकवाद हो या नक्सलवाद या फिर दुश्मन देशों की गुप्तचर एजेंसियाँ… आखिर इनमें साझा क्या है? उत्तर है – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। संघ इनका स्वभाविक और साझा दुश्मन है। देश में जब भी, जहाँ भी और किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधि होती है, तो संघ स्वत: इनके सामने आ खड़ा होता है।

पंजाब में डेढ़ दशक तक चले आतंकवाद के दौर में भी संघ ने आतंकवाद को इस तरह नाकों चने चबवाए कि खाकी निक्कर डालने वाला हर व्यक्ति पाकिस्तान के टुकड़ों पर पलने वाले आतंकवादियों का दुश्मन नम्बर वन बन गया और इसी का परिणाम निकला मोगा में 25 जून, 1989 को संघ की शाखा पर हुआ आतंकी हमला, जिसमें 25 स्वयंसेवकों ने अपना जीवन बलिदान कर देश की एकता-अखण्डता को सम्बल प्रदान किया।

इस घटना के बारे में शहीद स्मारक से जुड़े पदाधिकारी डॉ राजेश पुरी बताते हैं कि आतंकवादियों ने संघ का ध्वज उतारने के लिए कहा था, पर स्वयंसेवकों ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया और उनको रोकने का यत्न किया था, पर किसी की बात न सुनते हुए आतंकवादियों ने अन्धाधुन्ध फायरिंग करनी शुरू कर दी थी, जिसमें 25 कीमती जानें गईं थीं। इस घटना ने न केवल पंजाब में हिन्दू-सिख एकता को नवजीवन दिया बल्कि आतंकवाद पर भी गहरी चोट की क्योंकि घटना के अगले ही दिन उस जगह दोबारा शाखा लगी, जिससे आतंकियों के हौसले पस्त हो गए और हिन्दू-सिख एकता जीत गई…..”

पूरा लेख ऑपइंडिया पर पढ़ें

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