“Damoh News: निजी अस्पताल पर धर्मांतरण के लिए विवश करने का आरोप, कर्मचारियों ने पुलिस को दी शिकायत, जांच शुरू”, अमर उजाला, जुलाई 23, 2024
“धर्मांतरण के आरोपों से घिरे अस्पताल के डायरेक्टर ने सभी आरोपों को झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन जैसी कोई बात नहीं है। उनके यहां कई हिंदू वर्षों से कम कर रहे हैं। उन पर कभी भी इस तरह का दबाव नहीं बनाया गया है।
दमोह शहर के राय चौराहे के पास संचालित निजी अस्पताल प्रबंधन पर वहां के कर्मचारियों ने धर्मांतरण के आरोप लगाए हैं। सोमवार शाम हिंदूवादी संगठन के साथ मिलकर इन कर्मचारियों ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए अस्पताल प्रबंधन पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। कोतवाली टीआई ने सभी शिकायतकर्ताओं के आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं रात में अस्पताल में कार्यरत अन्य कर्मचारियों ने प्रबंधन की ओर से कोतवाली में आवेदन देकर इन आरोपों को झूठा बताया है और जांच की मांग की है।
अस्पताल में बीते पांच सालों से सुरक्षा गार्ड सुपरवाइजर का काम कर रहे अंबर मिश्रा, गार्ड शैलेंद्र पाठक और डालचंद साहू ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. अजय लाल के बेटे अभिजीत लाल और प्रबंधन के प्रमुख संजीव लैंबर्ट उन्हें तिलक लगाने, हांथ में कलावा बांधने के लिए रोकते हैं। अस्पताल में होने वाली मसीही प्रार्थना और चर्च में जबरन उपस्थित रहने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया की धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहे हैं। बीते कई महीनों से उन्हें परेशान किया जा रहा है। इसलिए वह मजबूरी में कोतवाली में शिकायत दर्ज करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन उनकी कोई भी गलती निकाल कर उन्हें नौकरी से निकल सकता है, लेकिन वास्तविकता यही है…..”
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