सारांश: जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में अवैध मतांतरण, लव जिहाद और महिला डॉक्टरों के उत्पीड़न से जुड़ी एसटीएफ की जांच रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में कई चिकित्सकों के नाम और ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नामक समूह की पहचान का जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार संस्थान में शिकायतें दबाने और संरक्षण मिलने की बात भी सामने आई है। मामला एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर की शिकायत से शुरू हुआ था।
क्यों अहम है: यह मामला दिखाता है कि ज़बरन मतांतरण और लव जिहाद का आरोप एक प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल संस्थान तक पहुंच चुका है, जिससे हिंदू छात्राओं और महिला चिकित्सकों की सुरक्षा का प्रश्न सीधे जुड़ता है।
“व्हाइट कोट टेरर की गिरफ्त में प्रख्यात KGMU, मतांतरण व ‘लव जिहाद’ नेटवर्क पर STF की रिपोर्ट में कई डॉक्टरों के नाम” — Jagran, 31 अक्टूबर 2026
विश्व विख्यात मेडिकल संस्थान किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) व्हाइट कोट टेरर की गिरफ्त में है। यहां पर अवैध मतांतरण, ‘लव जिहाद’ और महिला डॉक्टरों के उत्पीड़न की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है।
बेहद पुनीत कार्य वाले क्षेत्र में इस्लामिक मेडिकोज नामक समूह की पहचान भी हुई है, जिसका काम चिकित्सा के पेशे में आने वाली महिलाओं को अपना शिकार बनाना है। इससे जुड़े संस्थान के दो दर्जन से अधिक चिकित्सकों की पहचान भी हुई है।
इंटीग्रल विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ संदर्भ और इस्लामिक मेडिकोज नामक समूह चलाने की जानकारी दी गई है। मुस्लिम डाक्टरों का पैसा एक मेडिकल कालेज में लगाए जाने का जिक्र किया गया है। हिंदू महिलाओं को सुनियोजित ढंग से निशाना बनाया गया…
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