“धार्मिक अत्याचार का शिकार ऐसा होता है! भारत में मुसलमानों की ये हिमाकतें तो देख लेते, अमेरिका”, नवभारत टाईम्स, अक्टूबर 05, 2024
यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट में भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता जताई गई है। इस रिपोर्ट में भारत को ‘विशेष चिंता का देश’ घोषित करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन, हिंसक हमलों और कानूनी ढांचे में बदलाव का उल्लेख है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे खारिज करते हुए इसे पक्षपाती बताया है।
भारत में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है और कितनी हैरत की बात है कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमान मरे जा रहे हैं भारत में घुसपैठ को! जहां धार्मिक स्वतंत्रता सुरक्षित नहीं, वहीं घुसपैठ कर रहे हैं मुसलमान? अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने हर वर्ष की तरह 2024 की रिपोर्ट जारी कर दी है। 2 अक्टूबर को जारी इस रिपोर्ट में भारत में अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर चिंता जाहिर की गई है। यूएससीआईआरएफ की वेबसाइट पर लिखा है, ‘अपनी 2024 की वार्षिक रिपोर्ट में यूएसआईसीआरएफ ने सिफारिश की कि अमेरिकी विदेश विभाग भारत को ‘विशेष चिंता का देश’ के रूप में नामित करे या धार्मिक स्वतंत्रता के व्यवस्थित, निरंतर और गंभीर उल्लंघन में संलग्न देश के रूप में।’
क्या कहती है अमेरिकी रिपोर्ट, देख लीजिए
इस वर्ष अमेरिकी संस्था ने भारत पर अपनी रिपोर्ट को ‘भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की बदहाल होती स्थिति पर रिपोर्ट’ शीर्षक दिया है। इसमें कहा गया है, ‘यह रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि 2024 के दौरान किस तरह से लोगों को निगरानी समूहों द्वारा मारा गया, पीटा गया और लिंच किया गया, धार्मिक नेताओं को मनमाने ढंग से गिरफ्तार किया गया और घरों और पूजा स्थलों को ध्वस्त किया गया। ये घटनाएं धार्मिक स्वतंत्रता का विशेष रूप से गंभीर उल्लंघन हैं…..”
