लोकसभा चुनाव 2024 में हार के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अब चुनाव आयोग ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी से कहा है कि अगर आपके पास सबूत हैं तो कानूनी प्रक्रिया अपनाएं, वरना झूठे दावे कर जनता को गुमराह करना बंद करें।
दरअसल, राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि बेंगलुरु सेंट्रल के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 250 वोटों की “चोरी” हुई है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि पूरा चुनाव “कोरियोग्राफ” किया गया था।
इन आरोपों के बाद कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी को औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में राहुल से कहा गया है कि वे अपने दावों को लेकर शपथ पत्र दाखिल करें जिसमें वोटर लिस्ट में गड़बड़ी से जुड़े नाम, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर जैसी जानकारियां होनी चाहिए।
चुनाव आयोग ने साफ कहा कि वोटर लिस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ तैयार की जाती है और कांग्रेस पार्टी को नवंबर 2024 में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट दी गई थी। जनवरी 2025 में फाइनल लिस्ट भी दी गई थी। लेकिन कांग्रेस ने तब कोई आपत्ति नहीं जताई, न ही जिला अधिकारियों के पास कोई अपील की, न ही राज्य स्तरीय अधिकारियों के पास।
आयोग ने याद दिलाया कि अगर राहुल गांधी को लगता है कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है, तो उन्हें हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल करनी चाहिए, यही लोकतांत्रिक और कानूनी तरीका है।
इसके साथ ही आयोग ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर राहुल गांधी झूठा शपथ पत्र देते हैं या गलत जानकारी देते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। ऐसा करना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 227 के तहत दंडनीय अपराध है।
चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में साफ कहा गया है, “अगर श्री राहुल गांधी को अपने दावे पर यकीन है तो वे कानून के तहत शपथ पत्र देकर कार्रवाई करें। और अगर ऐसा नहीं है तो झूठे और बेबुनियाद बयान देना बंद करें।”
राहुल गांधी के लगातार ऐसे आरोप केवल उनकी हताशा दिखाते हैं। हार को पचाना मुश्किल है लेकिन लोकतंत्र और संविधान के नियमों को ताक पर रखकर अपनी बात को सही ठहराने की कोशिश करना न केवल गैरजिम्मेदाराना है बल्कि देश के लोकतंत्र का अपमान भी है।
अब यह देखना होगा कि क्या राहुल गांधी अपने ही बयानों पर खरे उतरते हैं या एक बार फिर सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहेंगे।
–शोमेन चंद्र
