‘अखिलेशुद्दीन’ से क्या उम्मीद करें: दीपावली पर दीप ना जलाने का ज्ञान दे रहे सपा प्रमुख की लगी क्लास, क्रिसमस को बता रहे थे आदर्श; संस्कृति से रोजगार तक है दीपोत्सव का महत्व

“ ‘अखिलेशुद्दीन’ से क्या उम्मीद करें: दीपावली पर दीप ना जलाने का ज्ञान दे रहे सपा प्रमुख की लगी क्लास, क्रिसमस को बता रहे थे आदर्श; संस्कृति से रोजगार तक है दीपोत्सव का महत्व”, ऑपइंडिया, अक्टूबर 19, 2025

“जहाँ देशभर में दीपावली पर खुशी का माहौल है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को इससे चिढ़ हो रही है। उनकी ये चिढ़ इस बार दीपावली पर जलने वाले दीयों को लेकर है। इतना ही नहीं उनके बयान से यह भी साफ है कि ईसाइयों का त्योहार क्रिसमस उन्हें ज्यादा पसंद है लेकिन हिंदू त्योहार दीपावली पर दीया जलाना उनके लिए पैसों की बर्बादी है।

यह अखिलेश यादव ने खुद कहा है। लखनऊ में धनतेरस (18 अक्टूबर 2025) पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, “मैं प्रभु राम के नाम पर एक सुझाव देना चाहता हूँ। क्रिसमस के समय कई महीनों तक शहर जगमगा जाते हैं। उन्हीं से सीख लो बस क्यों खर्चा करना बार-बार दीयों और मोमबत्ती का। इस सरकार से हम क्या उम्मीद कर सकते हैं? इसे तो हटा देना चाहिए। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यहाँ और भी खूबसूरत रोशनियाँ हों…”

सोशल मीडिया पर अखिलेश के बयान का विरोध

दीपावली पर अखिलेश यादव का यह सुझाव हिंदू त्योहारों के प्रति घृणा को दर्शाता है। यहाँ तक कि सोशल मीडिया पर भी दीपावली मनाने वाले हिंदू लोगों ने अखिलेश के बयान का विरोध किया। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कहा कि लगता है अखिलेश यादव हिंदू भी नहीं है……”

पूरा लेख ऑपइंडिया पर पढ़ें

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