“सगी बहनें अब समझने लगींं धर्मांतरण गैंग का मकसद, काउंसलिग से घरवालों के प्रति जहर कुछ हुआ कम”, हिन्दुस्तान, अगस्त 04, 2025
“लगातार काउंसलिंग से सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। आगरा की सगी बहनें अब धर्मांतरण गैंग की असलियत समझने लगी हैं। उन्हें महसूस हो रहा है कि वे जाल में फंसाई गई थीं। उनके जैसे कई युवतियां इसी तरह बहकाई गई थीं। गैंग ने उनके मन में धर्म और घरवालों के प्रति जहर भरा था, जिससे वे परिवार से दूर हो गईं। अब काउंसलिंग का असर है कि वे परिवार के बारे में सोचने लगी हैं। गैंग के कारनामे जैसे-जैसे सामने आ रहे हैं, उन्हें बताया जा रहा है। उनकी आधा दर्जन से अधिक पीड़ित युवतियों से मुलाकात भी कराई जा चुकी है।
वहीं, धर्मांतरण गैंग के मास्टर माइंड अब्दुल रहमान को लेकर आगरा पुलिस की टीम सोमवार को दिल्ली जाएगी। मुस्तफाबाद स्थित उसके घर की एक और तलाशी ली जानी है। पूछताछ में आरोपित ने कई अहम जानकारियां दी हैं। उसका घर दिल्ली नगर निगम ने पहले ही सील कर दिया था। सील खुलवाने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क किया, ताकि तलाशी पूरी की जा सके। मंगलवार को आरोपित को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
आगरा की सगी बहनों के धर्मांतरण प्रकरण में पुलिस ने छह राज्यों में दबिश देकर एक महिला सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन्हीं से मिली जानकारी पर मुस्तफाबाद, दिल्ली से अब्दुल रहमान को पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि वह धर्मांतरण गैंग का मास्टर माइंड है और जेल में अजीवन कारावास काट रहे मौलाना कलीम सिद्दीकी का शिष्य है। अब्दुल रहमान को दूसरी बार पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया है…….”
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