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Sunday, May 29, 2022

राना अयूब से लेकर सोनम कपूर तक वोक और हिन्दू विरोधियों की एक ही कहानी, हिन्दुओं को कोसना और खुद धोखाधड़ी करना

भारत के एक बड़ा वर्ग है, जिसका कार्य केवल और केवल हिन्दूओं को कोसना और उन्हें पिछड़ा बताते हुए कट्टरपंथी इस्लाम को श्रेष्ठ बताना है। अभी राना अयूब द्वारा धोखाधड़ी का मामला शांत हुआ भी नहीं था कि सोनम कपूर और उसके पति द्वारा की गयी जालसाजी की पोल भी सोशल मीडिया पर खुल गयी।

राना अयूब की 1.77 करोड़ रूपए से अधिक की राशि जब्त, मनी लौंड्रिंग का आरोप है

हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलने वाली राना अयूब पिछले दिनों अचानक से ही चर्चा में आ गईं, जब उन पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यह कहते हुए कार्यवाही की कि राना अयूब ने दानदाताओं की राशि को अपने निजी प्रयोग के लिए खर्च कर लिया।

मीडिया के अनुसार “ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत राणा अयूब और उनके परिवार के नाम पर सावधि जमा और बैंक में जमा राशि की कुर्की के लिए एक अस्थायी आदेश जारी किया।

राना अयूब पर यह आरोप है कि उन्होंने जिस काम के लिए पैसे जनता से एकत्र किए थे, उन्हें उन मदों पर खर्च न करके, अपने निजी प्रयोग के लिए प्रयोग कर लिए। ईडी के अनुसार राना अयूब ने पैसा इकठ्ठा किया और फिर अपने और अपने परिवार के सेविन अकाउंट से विदड्रा कर लिए।

और राना अयूब ने 74.5 लाख रूपए पीएम केयर फंड में भी दान किए।

जैसे ही इस हेराफेरी और पीएम केयर फंड में पैसे दान देने के समाचार सामने आए, वैसे ही सोशल मीडिया पर लोगों में अविश्वास की एक लहर दौड़ गयी। लोगों को लगा कि उनके साथ बहुत बड़ा विश्वासघात हुआ।

शिव सेना से सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने राना पर निशाना साधते हुए कहा कि,

गरीबों की मदद के लिए पैसे इकट्ठे किए,

राहत के कामों पर दावा करने के लिए नकली बिल बनाए, और अपनी निजी हवाई यात्राओं पर पैसे खर्च किए, और पीएम केयर फंड को चौबीसों घंटे गाली देने के बाद उसमे ही पैसे दान कर दिए

और फिर भी अपने आपको विक्टिम कहना है, फिर तो ठीक है

ऐसा लग रहा है जैसे इकोसिस्टम को इस बात से आघात लगा है कि आखिर राना ने पीएम केयर फंड में पैसे क्यों दिए? अब लिबरल गिरोह भी प्रियंका चतुर्वेदी के खिलाफ हो गया है और मुस्लिम लिब्रल्स खुलकर राना अयूब के समर्थन में आ गए हैं।

मुस्लिमों ने प्रियंका चतुर्वेदी को ट्रोल करना शुरू कर दिया

प्रियंका चतुर्वेदी को हिपोक्रेट भी बोला गया,

कुछ यूजर्स ने कहा कि प्रियंका चतुर्वेदी राना अयूब से ईर्ष्या करती हैं:

एक यूजर ने कहा कि जब संजय राउत को ईडी ने अपना शिकार बनाया था तो वह जानबूझकर परेशान करना है। और अब जब राना अयूब की बात है तो प्रियंका चतुर्वेदी के लिए ईडी पवित्र हो गया, प्रियंका चतुर्वेदी और स्वाति जैसे लोग सबसे बड़े संघी हैं

वहीं पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने तो राना अयूब को मोदी द्वारा प्लांट किया हुआ बता दिया

 वहीं अशोक स्वाइन ने कहा कि अगर आपकी ओर गोखले और अयूब जैसे लोग हैं और आपको लगता है कि आप फासीवाद से लड़ रहे हैं, तो आप केवल खुद को ही बेवक़ूफ़ बना रहे हैं:

वहीं कांग्रेस के नेता मिलिंद देवड़ा ने राजनेताओं को यह चेतावनी देते हुए सजग रहते हुए कहा कि आन्दोलनों के नाम पर पैसे इकट्ठा करने वाले शातिर लोगों से दूर रहना चाहिए जैसे आरटीआई और समानता वाले वाले एक्टिविस्ट से, खोजबीन करने वाले पत्रकारों से और धार्मिक कार्यकर्ताओं से!

यह देखना बहुत ही रोचक हो रहा है कि अब कथित मुस्लिम प्रेमी हिन्दू लिब्रल्स, जो खुलकर हिन्दू धर्म का अपमान करते हुए इन एजेंडा पत्रकारों को अभिव्यक्ति की आजादी के सबसे बड़े झंडा उठाने वाले कहते हैं, वह उसी मुस्लिम समुदाय की निगाहों में खलनायक बन रहे हैं, जिनके लिए उन्होंने हिन्दू धर्म को गालियाँ दी थीं।

सोनमकपूर के पति ने ऑनलाइन खरीद के लिए जमा किए फर्जी चालान

बुर्का विवाद में सिखों की पगड़ी को घसीटने वाली सोनम कपूर वैसे तो अपने वोकिज्म का उदाहरण बार बार देती रहती हैं, और वह भी हिन्दुओं को ही कोसती रहती हैं। परन्तु इस बार उन्होंने खुद ही जालसाजी का काम किया और फिर चोरी और सीनाजोरी करते हुए शिपिंग कम्पनी को ही आँखें दिखाने लगे।

सोनम कपूर के पति ने एक ट्वीट किया

क्या कोई @MyUS_Shopaholic पर किसी को जानता है – मुझे हाल ही में भयानक अनुभव हुआ है। वह गलत तरीके से चीज़ों को अपने पास रखे हुए हैं, और वह औपचारिक कागजी कार्रवाई को खारिज कर रहे हैं और किसी भी तर्क को स्वीकार नहीं कर रहे हैं!”

इसे सोनम कपूर ने कोट करते हुए कहा कि यह बहुत ही खराब कस्टमर सेवा है:

परन्तु कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब शिपिंग कंपनी ने उत्तर दिया और कहा कि यह ग्राहक सेवा की गुणवत्ता, नई नीतियों, या आइटम को अनुचित तरीके से रखने का मामला नहीं है जैसा कि ट्वीट किया गया था। श्री आहूजा ने ईबे पर खरीदे हुए सामान के लिए गलत पैसे दिखाए, जिसके परिणामस्वरुप उन्हें कम शुल्क और कर देना पड़ा।

उसके बाद उन्होंने दूसरा ट्वीट किया

जो नकली इनवॉइस जमा किए गए हैं, वह उस दाम से 90% कम हैं, जिसका भुगतान उन्होंने सामान के लिए किया है। जहाँ हमारी नीति है कि हम हर उपभोक्ता शिकायत को हल करें, तो हम कानूनी प्रक्रियाओं का भी पालन करते हैं।

फिर उन्होंने कहा कि इसे और सरल शब्दों में कहें तो हम हर अंतर्राष्ट्रीय शिपमेंट के लिए सही सूचना देने के लिए बाध्य हैं।

अभी हाल ही में हिन्दुओं के प्रति घृणा से भरे हुए एक्टिविस्ट साकेत गोखले पर भी हुसैन हैदरी ने यह आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने एक्टिविज्म के लिए इकठ्ठा किया गया धन अपने लिए प्रयोग कर लिया था। और साकेत गोखले ने कहा था कि उन्होंने यह वेतन के रूप में प्रयोग कर लिया था।

यही हिन्दुओं से घृणा करने वाले लेफ्टिस्ट वोक लोगों की वास्तविकता है, आम जनता को धोखा देना और अपनी जेबें भरना!

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