Operation Sindoor की पहली बरसी से ठीक पहले भारतीय सेना ने एक बड़ा खुलासा करते हुए पाकिस्तान और POK में नष्ट किए गए 7 आतंकी ठिकानों की सूची जारी की है। सेना ने इन ठिकानों की पहचान करते हुए सैटेलाइट तस्वीरें भी सार्वजनिक कीं, जिनमें हमलों के बाद हुए विनाश को साफ देखा जा सकता है। इन ठिकानों में कोटली अब्बास, कोटली गुलपुर, महमूना जोया, सैयदना बिलाल, भींबर, सवाई नाला और सरजल शामिल हैं।
यह कार्रवाई भारत ने उस अमानवीय आतंकी हमले के जवाब में की थी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 25 हिंदू पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। आतंकियों ने पहले पर्यटकों की पहचान जांची, फिर धर्म की पुष्टि करने के लिए अमानवीय तरीके अपनाए और उसके बाद गोलियां बरसा दीं। इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन TRF ने ली थी।
इस जघन्य हमले के बाद भारतीय सेना ने तुरंत जवाबी रणनीति तैयार की और 7 मई को Operation Sindoor शुरू किया। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और POK में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक और प्रभावी हमले किए। सेना ने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए आतंक के अड्डों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इन हमलों में सैकड़ों आतंकियों को खत्म किया गया, जिससे आतंकवादी संगठनों की कमर टूट गई।
भारतीय सेना ने केवल आतंकी कैंप ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के सैन्य ढांचे को भी निशाना बनाया। सेना ने गुलनी सैन्य ठिकानों, रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस, क्वेटा में 12वीं कोर मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी में ख्वाजाई कैंप पर भी सटीक प्रहार किए। इन हमलों ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया।

भारतीय हमलों से घबराकर पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की, लेकिन भारत की मजबूत एयर डिफेंस प्रणाली ने हर हमले को नाकाम कर दिया। भारतीय सेना ने स्पष्ट कर दिया कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और हर आतंकी साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
सेना द्वारा जारी की गई सैटेलाइट तस्वीरें इस बात का प्रमाण हैं कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और प्रभावी कार्रवाई की। इन तस्वीरों में आतंकी ठिकानों के पूरी तरह तबाह होने के दृश्य साफ नजर आते हैं। इससे यह भी साबित होता है कि भारतीय सेना ने अपने लक्ष्य को पूरी सटीकता के साथ हासिल किया।
Operation Sindoor ने यह संदेश पूरी दुनिया को दिया कि भारत अब आतंकवाद को सहन नहीं करेगा। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि जो भी देश आतंकियों को पनाह देगा, उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। यह कार्रवाई केवल बदले की नहीं, बल्कि न्याय और सुरक्षा की दिशा में उठाया गया सशक्त कदम था।
आज जब देश Operation Sindoor की पहली बरसी के करीब पहुंच रहा है, तब हर भारतीय के मन में गर्व और सम्मान की भावना है। भारतीय सेना ने अपने साहस, रणनीति और पराक्रम से यह साबित किया कि देश की रक्षा के लिए वह हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहेगी और भारत हर मोर्चे पर दुश्मनों को करारा जवाब देता रहेगा।
