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Friday, May 20, 2022

ट्यूशन के लिए निकली सोनम शुक्ला की मिली बोरे में लाश! 18 साल की सोनम मिलने गयी थी प्रेमी “मोहम्मद अंसारी” के घर?

मुम्बई में फिर से एक हिन्दू लड़की शिकार हो गयी और नीट की परीक्षा में बैठने का सपना संजोए हुए सोनम शुक्ला इस दुनिया से चली गयी। क्योंकि उसे कथित रूप से घर के पास बनी बेकरी के मालिक मोहम्मद अंसारी ने गला दबाकर मार डाला।

कहने के लिए यह प्रेम कहानी है, परन्तु प्रेम कहानी में शहजादों का चित्रण जिस प्रकार से किया जाता है, उसके वशीभूत होकर हिन्दू लडकियां शहजादा सलीम या शाहजहाँ को ही मुहब्बत का नायक मानती हैं, उनके दिल में इकबाल और फैज़ की नज्मों का इतना शोर होता है कि उस शोर में आकर वह किसी अंसारी को ही अपना शहजादा मान बैठती हैं और फिर यात्रा का अंत किसी बोरे में होता है।

क्या है मामला

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार गोरेगांव के एक बेकरी स्वामी को एक अट्ठारह वर्ष की किशोरी की ह्त्या के आरोप में हिरासत में लिया गया है। लडकी का शव गुरूवार को बर्सोवा बीच पर मिला था।पुलिस का कहना है कि इन दोनों का प्रेम प्रसंग था और सोनम शुक्ला की हत्या अंसारी ने बहस के दौरान गला दबाकर कर दी। पुलिस का यह भी कहना है कि लड़की का यौन शोषण नहीं हुआ था।

रिपोर्ट्स के अनुसार सोनम शुक्ला 25 अप्रेल 2022 को शाम को चार बजे ट्यूशन के लिए घर से निकली थी, परन्तु फिर वह वापस नहीं पहुँची। पुलिस के अनुसार सोनम ट्यूशन नहीं गयी थी, बल्कि वह अपनी सहेली के घर चली गयी थी।

फिर जब वह रात को 9:30 तक घर नहीं लौटी तो घरवालों ने उसे फोन किया। इस पर पीड़िता के पिता का कहना है कि मेरी बेटी ने मुझसे कहा था कि वह कुछ समय में घर पहुँच जाएगी क्योंकि वह अपनी सहेली के घर पर है। लेकिन जब वह रात 11।30 बजे तक नहीं पहुँची, तो मैं चिंतित हो गया और फिर से उसे कॉल लगाने की कोशिश की, पर इस बार उसका फोन स्विच ऑफ था।”

हालांकि पुलिस को उसका शव 28 अप्रेल 2022 को ही प्राप्त हो गया था। पुलिस ने उसके पिता को शव की पहचान करने के लिए बुलाया, जहाँ पर उसके शव की पहचान की गयी। पुलिस का कहना था कि उसका शव एक बोरे में था और काफी सड़ गल गया था। इस विषय में पुलिस का कहना था कि उन्हें अंसारी के विषय में स्थानीय सूत्रों से पता चला था। और जब पूछताछ हुई तो वह टूट गया और उसके अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

शहजादों की इच्छा रखने वाली लड़कियों को यह नहीं पता होता कि शहजादे कभी नहीं होते थे, शहजादों का रूमानी इतिहास लाखों लड़कियों की लाशों से भरा हुआ है!

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