“फडणवीस सरकार ने महाराष्ट्र में 5% मुस्लिम आरक्षण किया रद्द, 2014 में कॉन्ग्रेस- NCP सरकार ने अध्यादेश लाकर दिया था कोटा”, ऑपइंडिया, फ़रवरी 18, 2026
“महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से कमजोर माने जाने वाले मुस्लिमों को दिए जा रहे 5 फीसदी आरक्षण को खत्म कर दिया है। 2014 में ये व्यवस्था लागू की गई थी लेकिन देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने 17 फरवरी 2026 को इस आदेश को रद्द कर दिया।
सरकारी आदेश के मुताबिक, 2014 में जिन सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिमों को विशेष पिछड़ा वर्ग-ए (SBC-A) के तहत आरक्षण दिया गया था, वह आदेश अब समाप्त कर दिया गया है। इसमें सरकारी और अर्ध सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान आरक्षण मिलता था। इसपर रोक लग गई है। नए आदेश के बाद मुस्लिमों को जारी किया जाने वाला जाति प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र पर भी रोक लग गई है। 2014 का यह आदेश अनिश्चित स्थिति में था, जिसे सरकार ने रद्द कर स्थिति साफ कर दी है।
महाराष्ट्र में जुलाई 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की अगुवाई वाली कॉन्ग्रेस-एनसीपी गठबंधन की सरकार ने मुस्लिमों और मराठा आरक्षण को अध्यादेश के जरिए लागू किया था। मराठा समुदाय को 16 फीसदी आरक्षण और मुस्लिम समुदाय को 5 फीसदी आरक्षण दिया गया था। इससे राज्य में आरक्षण कुल 73 फीसदी हो गया था। दोनों आरक्षण का प्रस्ताव तत्कालीन अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नसीम खान ने कैबिनेट के सामने रखा था, जिसे मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद मुस्लिमों में पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए……”
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