spot_img

HinduPost is the voice of Hindus. Support us. Protect Dharma

Will you help us hit our goal?

spot_img
Hindu Post is the voice of Hindus. Support us. Protect Dharma
30.8 C
Sringeri
Friday, January 9, 2026

‘यूनुस ने दी हिंदुओं की हत्या की छूट’, बांग्लादेश में नरसंहार पर बोलीं शेख हसीना, PM मोदी से की क्या अपील?

“Exclusive: ‘यूनुस ने दी हिंदुओं की हत्या की छूट’, बांग्लादेश में नरसंहार पर बोलीं शेख हसीना, PM मोदी से की क्या अपील?”, न्यूज़ 18, जनवरी 07, 2026

“भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तल्ख हो चुके हैं. मुहम्मद यूनुस भारत से दुश्मनी निभाने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं. कट्टरपंथियों को बढ़ावा दे रहे हैं. उनके राज में बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्ल जारी है. फरवरी में आम चुनाव का निर्धारित है. इस बीच अब तक बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मुहम्मद यूनुस पर तीखा प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को युनुस सरकार ने पूरी छूट दे रखी है. शेख हसीना का मानना है कि धार्मिक कट्टरपंथ का नतीजा है हिंदुओं पर हमला. साल 2026 के पहले इंटरव्यू में बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने न्यूज18 इंडिया को एक्सक्लूलिव इंटरव्यू दिया है. न्यूज18 इंडिया के संवाददात नीरज कुमार से यूनुस राज में हिन्दुओं पर हमले और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर शेख हसीना ने खुलकर बातचीत की है. चलिए पढ़ते हैं शेख हसीना का पूरा इंटरव्यू.

1. हिंदुओं पर बार-बार हो रहे हमलों और दीपु दास की हत्या के लिए कौन और किस तरह की सोच जिम्मेदार है? ऐसे हमलों को कैसे रोका जा सकता है?

ये हमले धार्मिक कट्टरपंथ और उन्मादी भीड़ मानसिकता के खतरनाक मिश्रण का नतीजा हैं, जिन्हें अंतरिम सरकार ने पूरी छूट दे रखी है. दीपु दास की हत्या एक बर्बर अपराध है, जो कट्टरता और असहिष्णुता के गहरे माहौल को दर्शाती है. यह कोई अकेली घटना नहीं है. यूनुस के सत्ता में आने के बाद ईसाइयों, हिंदुओं, बौद्धों और शांतिप्रिय अहमदिया मुसलमानों को निशाना बनाकर हजारों धार्मिक हमले बिना किसी सजा के किए गए हैं. धार्मिक स्थलों का अपमान किया जा रहा है, मस्जिदों पर हमले हो रहे हैं, सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को दबाया जा रहा है और महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से हाशिये पर धकेला जा रहा है. यह सब उस कट्टरपंथ के नाम पर हो रहा है जो हमारे कभी गर्व से कहे जाने वाले धर्मनिरपेक्ष और सहिष्णु देश से बहुलता की हर निशानी मिटाना चाहता है. इस तरह की हिंसा को केवल वही रोक सकता है जो लोकतांत्रिक तरीके से चुना गया मजबूत राजनीतिक नेतृत्व हो, जो बिना किसी शर्त के कट्टरपंथ की निंदा करे और अल्पसंख्यकों को समान नागरिक के रूप में सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हो.

2. हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हुई हिंसा और भारत-बांग्लादेश के बीच मौजूदा तनाव को आप कैसे देखती हैं?

शरीफ उस्मान हादी की हत्या दुखद है और इसके बाद हुई हिंसा की मैं कड़े शब्दों में निंदा करती हूं. उनकी मौत बीएनपी, जमात और एनसीपी के बीच चुनावी प्रतिद्वंद्विता से उपजे संघर्ष का भयावह परिणाम थी. कोई भी विश्वसनीय सरकार तुरंत स्वतंत्र जांच कराती, कैंपस और सड़कों को सुरक्षित करती और और जानें जाने से रोकती. इसके बजाय हमने बेवजह की हिंसा और स्वतंत्र मीडिया तथा सच्चाई दिखाने वाले साहसी पत्रकारों पर राजनीतिक हमले देखे हैं. मेरे शासनकाल में हमने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का स्वागत किया और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा की, ताकि वे बिना डर के काम कर सकें. भारत के साथ तनाव भी इसी विफलता का विस्तार है. जब देश के भीतर कानून-व्यवस्था टूटती है, तो बाहरी रिश्ते भी प्रभावित होते हैं. बांग्लादेश की स्थिरता हमेशा संयमित नेतृत्व और क्षेत्रीय सहयोग पर निर्भर रही है. तात्कालिक राजनीतिक फायदे के लिए इन रिश्तों को नुकसान पहुंचाना लापरवाही है और देश के दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है……”

पूरा लेख न्यूज़ 18 पर पढ़ें

Subscribe to our channels on WhatsAppTelegram &  YouTube. Follow us on Twitter and Facebook

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles

Sign up to receive HinduPost content in your inbox
Select list(s):

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.

Thanks for Visiting Hindupost

Dear valued reader,
HinduPost.in has been your reliable source for news and perspectives vital to the Hindu community. We strive to amplify diverse voices and broaden understanding, but we can't do it alone. Keeping our platform free and high-quality requires resources. As a non-profit, we rely on reader contributions. Please consider donating to HinduPost.in. Any amount you give can make a real difference. It's simple - click on this button:
By supporting us, you invest in a platform dedicated to truth, understanding, and the voices of the Hindu community. Thank you for standing with us.