“आतंकी संगठन से जुड़े धर्मांतरण के तार; आरोपी अयान जावेद को रांची सेंट्रल जेल से लेकर आई आगरा पुलिस”, ईटीवी भारत, मार्च 07, 2026
“ताजनगरी की सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में आगरा पुलिस ने बड़ा दावा किया है कि इस गिरोह के तार खतरनाक दहशतगर्दों से जुड़े थे. इसी के चलते आगरा पुलिस ने झारखंड की राजधानी रांची की सेंट्रल जेल से संदिग्ध आतंकी अयान जावेद को ‘बी वारंट’ पर लिया है. पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा के बीच आगरा लेकर आई है. झारखंड एटीएस ने वर्ष 2025 में अयान, उसकी पत्नी और दो अन्य सहयोगियों को धनबाद से गिरफ्तार किया था.
सोशल मीडिया के जरिए देश विरोधी साज़िश: पूछताछ और छानबीन में खुलासा हुआ था कि ये आरोपी प्रतिबंधित संगठन ‘हिज्ब उल तहरीर’ (HuT) और ‘अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (AQIS) से जुड़े हैं. ये लोग सोशल मीडिया के माध्यम से देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से लिप्त थे. आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि जुलाई 2025 में सदर थाना क्षेत्र की सगी बहनों सहित आधा दर्जन युवतियों को इस गैंग के चंगुल से मुक्त कराया गया था. उस समय पुलिस ने छह राज्यों में एक साथ दबिश देकर मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान सहित 13 लोगों को जेल भेजा था.
रांची जेल से आगरा लाया गया आरोपी: मामले की जांच के दौरान सामने आया कि अयान जावेद देहरादून की एक युवती के संपर्क में था और उनसे करीब 200 बार बातचीत हुई थी. जब अयान के बारे में गहराई से पड़ताल की गई, तो पता चला कि वह रांची सेंट्रल जेल में बंद एक संदिग्ध आतंकी है. आगरा पुलिस ने आरोपी का रिमांड हासिल किया है और उसे शनिवार को पुनः कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस अब विवेचक के माध्यम से आरोपी की कस्टडी रिमांड मांग रही है ताकि धर्मांतरण और आतंकी नेटवर्क के राज खुल सकें…….”
पूरा लेख ईटीवी भारत पर पढ़ें
