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Tuesday, January 25, 2022

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anti hindu hindi left literature

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में आरम्भ हुआ “हिन्दू अध्ययन” पर प्रथम पाठ्यक्रम

भारत में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में हिन्दू धर्म पर पहला पाठ्यक्रम आरम्भ किया है। यह अत्यंत हैरानी एवं क्षोभ की बात है कि कथित...

विश्व हिंदी दिवस: हिंदी की शक्ति से भयभीत क्यों हैं वामपंथी?

भारत में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया गया। यह देखना बहुत ही रोचक है कि पिछले कुछ वर्षों से हिंदी को दूसरे...

दुष्यंत कुमार: हिंदी गजल का स्वर, जिन्हें वामपंथी लेखकों ने इसलिए भुला दिया क्योंकि उनमें हिन्दू विरोध न था और साहित्य को सत्ता एवं...

मत कहो आकाश में कोहरा घना है, यह किसी की व्यक्तिगत आलोचना है! व्यक्तिगत आलोचना से बचने वाले और हर समस्या का हल खोजने को प्रयासरत...

हिंदी दिवस, प्रगतिशील साहित्य और हिंदी की कथित दुर्दशा

आज हिंदी दिवस है और आज के दिन हिंदी को लेकर न जाने कितनी बातें आदि होती हैं। एक परिपाटी बन जाती है कि...

कुंठित कविताओं को पितृ सत्ता विरोधी कहकर क्रांतिकारी बताने की तुक?

हिंदी का कथित प्रगतिशील साहित्य वैसे तो हमेशा ही गलत कारणों से चर्चा में रहता है क्योंकि जनता के लिए लिखने वाले और लोक...

हिंदी पट्टी के इस्लाम परस्त फेमिनिज्म में खोता हिन्दू स्त्रियों का इतिहास- सरमा पाणी संवाद (ऋग्वेद)

हिंदी साहित्य में पिछले कई समय से कामकाजी स्त्री और घरेलू स्त्री को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। वैसे तो यह विवाद काफी पुराना...

धर्म और राष्ट्र के नाम जीवन का बलिदान करने वाले मंगल पाण्डेय

मंगल पाण्डेय का नाम आज हर कोई आदर से लेता है, उन्होंने देश के नाम अपना जीवन बलिदान कर दिया था। उनके दिल में...

शायरी के नाम पर जहरीला नकाब: मुनव्वर राना

मुनव्वर राना ने दो दिन पहले कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार दोबारा आती है, तो वह प्रदेश छोड़ देंगे और कलकत्ते...

धर्म के प्रति घृणा भरती कविताएँ और महानता का मिथक

हिंदी साहित्य में प्रगतिशील साहित्य के आगमन के साथ ही एक ऐसे साहित्य का निर्माण होता चला गया जो लोक से कोसों दूर था।...

कुरीतियों के नाम पर हिन्दुओं को तोड़ता हिंदी वाम साहित्य

कहते हैं साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक अपनी संवेदनशीलता से समाज के घावों पर फाहा रखता है। जैसा तुलसीदास जी ने...

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