भारत विखंडन – द्रविड़ और दलित मामलों में पश्चिम का हस्तक्षेप

यह किताब (भारत विखंडन/Breaking India) पिछले दशक के मेरे उन तमाम अनुभवों का नतीजा है जिन्होने मेरी शोध और बौद्धिकता को प्रभावित किया है। ९० के दशक  की बात है,  प्रिंसटन विश्वविद्यालय के एक अफ्रीकन-अमरीकन विद्वान ने बातों बातों में ज़िक्र किया कि वे भारत के दौरे से लौटे हैं जहाँ वे ‘एफ्रो-दलित’ प्रोजेक्ट पर … Continue reading भारत विखंडन – द्रविड़ और दलित मामलों में पश्चिम का हस्तक्षेप