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Saturday, January 22, 2022

पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध: परत दर परत खुल रही हैं षड्यंत्र की परतें!

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ पंजाब में जो हुआ, वह साधारण नहीं था। न ही साधारण हो सकता है क्योंकि अब उसकी कलई दर कलई परत खुल रही है। यह कुछ समूहों द्वारा पूर्वनियोजित था। जैसा एक वीडियो से भी दिखाई पड़ता है।। आज भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा ने यूट्यूब पर पिछले एक वर्ष में डाले गए वीडियो को दिखाते हुए लिखा कि

YouTube पर एक साल पहले ये एनिमेटेड वीडियो खालिस्तानियों द्वारा डाला गया

इसमें मोदी जी को फ्लाईओवर के ऊपर नकली किसानों द्वारा रोककर, घेरकर मारने की कोशिश की जाती हैं

जैसा इस वीडियो में हैं, हूबहू वैसे ही पंजाब में करने की कोशिश की गई

यह गंभीर है!

ऐसा नहीं है कि यही एक वीडियो है, ऐसे एक नहीं कई वीडियो हैं जो नरेंद्र मोदी के प्रति असीम घृणा से भरे हुए हैं। कई यूजर्स ने ऐसे कई वीडियो साझा किए हैं:

हर घटना की पहले से योजना बनाई गयी और उसी के अनुसार वीडियो बनाए गए एवं अपलोड किए गए

यहाँ तक कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को मारे जाने की कल्पना के भी वीडियो लोगों ने साझा किये:

यद्यपि आरम्भ में कांग्रेस ने इस बात को मानने से इंकार कर दिया था कि सुरक्षा में चूक हुई है। परन्तु बढ़ते राजनीतिक विरोध और यह षड्यंत्र सामने आने के बाद कि कैसे कांग्रेस की पंजाब सरकार ने ही प्रदर्शनकारियों को यह बताया कि प्रधानमंत्री किस मार्ग से जाएंगे, और जब भारत के आम लोगों ने भी यह कहना आरम्भ किया कि कहीं न कहीं कांग्रेस हाई कमान शामिल है इस घटना में, तो कांग्रेस से सोनिया गांधी की प्रतिक्रिया आई कि इस घटना की जांच होनी चाहिए।

पत्रकार और चैनल कांग्रेस सरकार को बचाने की मुहीम में लग गए हैं:

जैसे ही कांग्रेस घिरती हुई दिखाई दी, तो कई चैनल और पत्रकार कांग्रेस को बचाने की मुहीम जैसे छेड़ते हुए दिखाई दिए। जहाँ 5 जनवरी को कांग्रेस के नियुक्त मुख्यमंत्री चन्नी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ इसलिए नहीं गए थे कि उन्हें कोरोना था, तो कल से लेकर आज तक वह तमाम चैनलों को इंटरव्यू देते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह बार बार यही कह रहे हैं कि सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई थी।

खैर, इस पर इंडिया टुडे में दिया गया स्क्रिप्टेड इंटरव्यू भी सम्मिलित है, जिसमें @aajtak  संपादकीय टीम ने फोन करके अपने संवाददाता अशोक सिंघल को कहा कि चन्नी के प्लांटेड लोगों को कवर करे।प्रोपोगंडा-पत्रकारिता का घटियापन इस वीडियो में साफ झलक रहा है।

इतना ही नहीं बाद में इंडिया टुडे के पत्रकार अपने कैमरामैन को संकेत भी करते हुए पाए गए:

कांग्रेस की भूमिका इस पूरे मामले में अत्यंत संदिग्ध है एवं उसीमें से परस्पर विरोधाभासी स्वर सामने आ रहे हैं। जहाँ मनीष तिवारी का कहना है कि प्रधानमंत्री पाकिस्तान की फायरिंग रेंज में थे। इसलिए यह बहुत ही गंभीर मामला है। मनीष तिवारी ने कहा कि जहाँ पर प्रधानमंत्री का काफिला रुका था, वह भारत की सीमा से मात्र 10 किलोमीटर पर है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा की तुलना किसी और से करना किसी भी प्रकार से उचित नहीं है।

वहीं कांग्रेस के ही कई नेताओं जैसे अभिषेक मनु सिंघवी ने भी यह कहा कि राजनीति के बावजूद, प्रधानमंत्री के रास्ता बदलने के बावजूद एवं किसानों के प्रदर्शन के बावजूद प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए थी।

कांग्रेस के ही सुनील जाखड़ ने भी यही कहा था कि प्रधानमंत्री जी की रैली को मार्ग देना चाहिए था:

परन्तु कांग्रेस के कई नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में इतनी बड़ी सेंधमारी को लेकर कांग्रेस के कई नेताओं का व्यवहार अत्यंत हैरान करने वाला है जैसे नवजोत सिंह सिद्धू का। सिद्धू ने इस पूरे मामले को प्रधानमंत्री का ड्रामा कहा है, तो वहीं कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इसे नकारते हुए मात्र दलित मुख्यमंत्री के विरोध में उठाया गया कदम बताया।

जबकि वह लोग यह भूल जाते हैं कि इस समय देश के राष्ट्रपति दलित समुदाय से हैं।

राहुल गांधी की नई कांग्रेस सामान्य शिष्टाचार से विमुख कांग्रेस प्रतीत होती है जिसमें मात्र गांधी परिवार को ही कांग्रेस माना जाता है।

दरअसल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से उन कांग्रेसियों एवं एक विशेष मीडिया को इसी लिए घृणा है क्योंकि उन्होंने ही गांधी परिवार को सत्ता से दूर रखा है। नरेंद्र मोदी की छवि बिगाड़ने की हर योजना विफल होने के बाद क्या अब कांग्रेस यह तक नहीं समझेगी कि वह देश के चुने हुए प्रधानमंत्री है और देश का प्रधानमंत्री किसी पार्टी का नहीं बल्कि पूरे देश का होता है। यही कारण है कि उच्चतम न्यायालय ने भी पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के रिकार्ड्स को सम्हाल कर रखें।

राजनीति से परे यह देखना अत्यंत क्षुब्ध करता है कि आज देश का मुख्य विपक्षी दल विरोध में इस सीमा तक चला गया है!

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