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Thursday, September 16, 2021

बंगाल में जारी है हिन्दुओं पर हिंसा

बंगाल में चुनाव हालांकि सम्पूर्ण हो गए हैं और सरकार का गठन भी हो गया है। फिर भी ममता बनर्जी का खेला चल रहा है। हिंसा के इस खेला में कल एक घटना और जुड़ गयी जब बंगाल में जलपाईगुड़ी से भारतीय जनता पार्टी के सांसद डॉ जयंत राय पर हमला हुआ और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

डॉ जयंत राय के अनुसार इस हमले में और किसी का नहीं बल्कि तृणमूल कांग्रेस का ही हाथ है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन पर हमला किया और फिर बांस के डंडों से उनके सिर और हाथों पर मारा। वहां मौजूद और भी कुछ लोगों पर हमले किए गए।

गौरतलब है कि बंगाल में चुनावों के बाद हुई हिंसा का दौर थमा नहीं है और कल एक महिला पर भी हमला हुआ था। कल जब मुकुल रॉय ने दोबारा टीएमसी का दामन थामा था तो उनकी कही एक बात पर ध्यान कम गया था कि “पश्चिम बंगाल में अभी ऐसी स्थिति है कि कोई भाजपा में नहीं रहेगा।”

तो क्या इसे राजनीतिक आतंकवाद से जोड़कर देखें, कि ममता बनर्जी अपने हर राजनीतिक द्रोहियों को मरवा देंगी या किसे सन्दर्भ से लें? जाहिर है न ही अभी हिंसा का दौर थमेगा और न ही लोगों का मारा जाना कम होगा, जैसा कि पत्रकार चंद्रप्रकाश कहते हैं:

बीजेपी में रहकर मारे जाने से अच्छा है कि मुकुल रॉय जैसे लोग किसी सुरक्षित दल में जाएँ और जान बचाएँ। प्रश्न मीडिया से है कि वह इस राजनीतिक घरवापसी को तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक आतंकवाद से क्यों नहीं जोड़ रहा?

एक ओर मुकुल राय का वक्तव्य है और दूसरी ओर डॉ जयंत राय पर हमला है, इसी के साथ कुछ दिन पहले सुवेंदु अधिकारी ने कोलकत्ता में तिलजल क्षेत्र में हिन्दुओं के मंदिरों पर हमला करने का वीडियो भी ट्वीट किया था।

10 जून को भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी पर भी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला किया था।

और उसी दिन लॉकेट चटर्जी ने हुगली में हिन्दुओं पर हुए हमले का वीडियो भी ट्वीट किया था। उन्होंने तुष्टिकरण की नीति का विरोध करते हुए लिखा था कि अब इस मुस्लिम तुष्टिकरण का विरोध होना चाहिए क्योंकि बंगाली हिन्दू अब ममता बनर्जी की दया पर निर्भर है और प्रशासन मूक दर्शक हैं:

अत: यह कहा जा सकता है कि मुकुल रॉय की वापसी एक प्रकार के राजनीतिक आतंक की कहानी है, जिसे जान प्यारी है, उसे एक दिन ममता की छाँव में जाना ही होगा, शायद संकेत यही है। फिर भी इस राजनीतिक आतंक के विषय में कोई बात नहीं कर रहा है।

फीचर्ड इमेज: एएनआई


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