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Monday, February 6, 2023

किशोर हिन्दू लड़कियां और मुस्लिम प्रेमी: षडयंत्रों का जाल कितना गहरा? क्यों बेखबर हिन्दू परिवार?

बिहार से दो ऐसे मामले आए हैं, जो बहुत कुछ कहते हैं। जो बहुत कुछ ऐसा संकेत करते हैं कि कहीं तो बहुत कुछ गड़बड़ है। जो यह बताते हैं कि कहीं तो बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो ठीक नहीं है। किशोर लड़कियां कैसे मुस्लिम लड़कों के साथ प्रेम जाल में फंस सकती हैं? किशोर उम्र, जो अपने जीवन का कैरियर बनाने के लिए होनी चाहिए या फिर जीवन के नए दौर में प्रवेश करने के लिए होती है, उसमें वह किसी ऐसे लड़के के जाल में कैसे फंस जाती हैं, जो दरअसल उनके जीवन को बर्बाद कर सकते हैं और या फिर करते ही हैं।

पहला मामला है बिहार के बेगुसराय में एक नाबालिग हिन्दू छात्रा का। १५ वर्ष की यह छात्रा किसी आमिर के कोचिंग सेंटर में पढने जाती थी। और उसे लेकर आमिर फरार हो गया था। लड़की के घरवालों का रो रो कर बुरा हल था।

मीडिया के अनुसार छात्रा फुलवरिया क्षेत्र में रहा करती थी। वह पिछले ४ वर्षों से आमिर के कोचिंग सेंटर में पढने जा रही थी। यहाँ इस बात पर ध्यान दिया जाए कि ४ वर्षों से कोचिंग अर्थात ११ वर्ष की उम्र से वह ट्यूशन जा रही थी। इसका अर्थ यह निकाला जाए कि कक्षा ६ या ७ में पढ़ती होगी वह लड़की जब वह ट्यूशन गयी होगी। अब प्रश्न यह उठता है कि क्या स्कूलों में ऐसी भी पढ़ाई नहीं होती है कि बच्ची कक्षा ६ या ७ में भी सही से न पढ़ सके। यह एक बहुत बड़ा प्रश्न शिक्षा व्यवस्था पर है और साथ ही परिवार पर भी।

क्या हिन्दू परिवार ऐसा होता है कि कक्षा ६ या ७ में भी ट्यूशन से ही पढ़ाए, आखिर इतना क्या पाठ्यक्रम होता है? परन्तु ऐसा हो रहा है। हर शहर गली नुक्कड़ में कोचिंग सेंटर खुले हुए हैं, जहाँ पर नर्सरी से कक्षा 8 तक के बच्चों को ट्यूशन पढाई जाती है, यह कैसी विडंबना है कि हम छोटे बच्चों को अपने आप नहीं पढ़ा सकते? उनके पाठ्यक्रम पर दृष्टि नहीं रख सकते? जबकि यह करना तो अभिभावकों का मूलभूत कार्य है?

और इस घटना में बच्ची को आमिर ने फोन भी उपहार में दिया! और जैसे ही परिवार को पता चला तो उन्होंने लड़की का कोचिंग जाना बंद करा दिया और दूसरी जगह ट्यूशन लगा दिया। मगर ऐसा लगता है जैसे जो होना था वह हो चुका ही था। परिजनों का आरोप है कि 21 नवंबर 2022 को छात्रा पढ़ने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। खोजबीन के दौरान पता लगा कि घटना के बाद से आमिर का कोचिंग सेंटर भी बंद है।

परिजनों का आरोप है कि आमिर ने ही उसे भगाया है। परन्तु यह ध्यान रखना तो परिवार का काम नहीं था क्या कि बच्ची ट्यूशन में क्या पढ़ रही थी? क्या इस विषय में रोकर कि कहीं उस बच्ची का हाल श्रद्धा जैसा न हो, वह अभिभावक इस बात से मुंह मोड़ सकते हैं कि आखिर उनकी गलती क्या थी? क्या यह पूछना उनका उत्तरदायित्व नहीं था कि आखिर वह क्या पढ़ रही है?

परिजन अब रो रहे हैं! यह असहायता बहुत विवश करती है, परन्तु बहुत कुछ सोचने पर विवश भी!

अब आते हैं दूसरे मामले पर! यह भी किशोरी का है और यह भी बिहार से ही है।

बिहार के पूर्णिया जिले से एक बच्ची का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कह रही थी कि वह अपनी मर्जी से गयी थी, और उसकी उम्र भी १७ वर्ष थी। हालांकि पत्रकार सुरभि विश्वकर्मा ने यह आरोप लगाया था कि इन्स्पेक्टर मिराज हुसैन ने इस मामले पर यह कहते हुए पर्दा डालने का प्रयास किया था, कि लड़की १९ वर्ष की है। परन्तु यदि यह मान भी लिया जाए कि लड़की १९ वर्ष की है तो भी उसकी ग्रूमिंग ४ वर्ष पहले ही हो गयी थी, अर्थात १५ वर्ष की आयु से ही।

हालांकि इस बच्ची की उम्र १७ वर्ष निकली और वह अपने जिस प्रेमी के साथ भागी थी, उसे भी हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। पत्रकार सुरभि विश्वकर्मा के ट्वीट से यह बात निकल कर आती है

अग्रवाल समुदाय से आने वाली इस लड़की ने अपने प्रेमी मुहम्मद फराज के साथ एक वीडियो पोस्ट किया था। उसमें कहा था कि वह पिछले चार वर्षों से इस लड़के से प्रेम करती है। अर्थात १३ वर्ष की उम्र से? यह कितना हैरान करने वाला मामला है।  इस वीडियो में उस लड़की ने कहा था कि उसके घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं थे, इसलिए उसे भागना पड़ा!

यह भी कितना हैरान करने वाला मामला है कि लड़की के परिवार वालों ने फराज को चार साल पहले लड़की से दूर कर दिया था, मगर उन्हें यह नहीं पता था कि फराज अभी भी उनकी बेटी को ग्रूम कर रहा है। जब वह २५ नवम्बर को शाम तक घर नहीं लौटी तो उन्होंने उसकी खोज चालू की और जब वह नहीं मिली तो परिवार ने उसके गायब होने में फराज के परिवार का संदेह व्यक्त किया।

हिन्दू कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि लड़की के परिवारवालों को ३०० मुस्लिमों की भीड़ ने धमकाया था। लड़की के परिवारवालों ने जब पुलिस से संपर्क किया तो उनका आरोप है कि लड़की को खोजने के नाम पर उन्हें एक घंटे से अधिक इंतज़ार कराया गया। उनका आरोप है कि यह इसलिए किया गया ताकि फराज को हैदराबाद जाने का समय मिल जाए।

इस घटना के बाद हिन्दू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।

परन्तु विरोध प्रदर्शन से क्या हासिल होता है? यह बहुत ही दुःख देने वाले तथ्य हैं कि जब लड़की को परिवार के साथ होना चाहिए, तब वह ऐसे जालों में फंस जाती है, और जहाँ उसे अपने धर्म और समाज का विमर्श बनना चाहिए, उस समय वह कथित प्यार और किसी फराज, किसी आमिर के विमर्श को अपने शरीर में बसा लेती है।

परन्तु उससे भी बड़ा प्रश्न है कि हमारे किशोर बच्चे भी हिन्दू धर्म से दूर क्यों हो रहे हैं? इस पर तो समाज को प्रश्न करना ही होगा और उत्तर भी खोजना ही होगा!

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1 COMMENT

  1. Good article. I have some points to add:
    1. We cannot blame the parents for this type of situation always. Consider that they may be
    (a) working long hours (b) not themselves well educated, so not understanding the syllabus etc. their daughter is being taught (c) have gone by the general reputation of tuition center to enter their girl there. After all, no one is going to devote huge amounts of investigative energy to checking tuition center after entering.
    2. I don’t think the girl is to blame either. Because a girl at age 13 does not have the full mental faculty to made decisions. That is why in any legal system, she is considered non-adult.
    This may seem like I am saying none is to blame at all, but that is not the case. So who is to blame?
    3. The blame is 100% on the Muslim predators. These are PREDATORS. Like any predator, they carefully choose their prey, they lay a trap for it, and then eat it. That is what these Muslim boys do. They are always much older than our girls, they almost always have some sort of local organization (masjid/maulvi/goonda gang) supporting and cooperating with them in this “hunt” for Hindu girl. And these days, they know they can more easily trap a non-adult girl, and that is why we are seeing so many cases of very young (11-13) year old Hindu girls being trapped.

    My point is this is a serious criminal predatory system that has aspects of pedophilia in it (because they target such young girls). They do it not only in India, but also in UK, Greece, and other countries. In Rotterham grooming scandal also, they had trapped many very young girls (as young as 8 years old!!). They have become experts at fooling very young girls into their “love trap jihad” and then making the girl emotionally dependent on them. We must first recognize this crime, and deal with it appropriately. We must guard all places where these pedophiles are lurking, we must enact a special law (like POSCO) for this type of criminal grooming, and start prosecuting hundreds of cases leading to conviction. You cannot target such young girls in an organized manner in any civilized society! This is not 7th century arabia, for God’s sake!

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