spot_img

HinduPost is the voice of Hindus. Support us. Protect Dharma

Will you help us hit our goal?

spot_img
Hindu Post is the voice of Hindus. Support us. Protect Dharma
22.6 C
Sringeri
Wednesday, April 24, 2024

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हुई बीती बात, शरद पवार के विरुद्ध लिखने वाले हो रहे गिरफ्तार!

वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद एक झूठ फैलाया जा रहा है कि देश में असहिष्णुता बढ़ रही है, लोगो को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है, लोगों को सरकार के विरुद्ध बोलने नहीं दिया जाता आदि आदि। रह-रह कर विपक्ष के नेता ओर मीडिया का एक विशेष वर्ग इस विषय पर सरकार को घेरता है, यह बात अलग है कि यही वर्ग समय आने पर अत्यधिक असहिष्णु हो जाता है।

विपक्ष की अगर बात करें, तो शरद पवार सबसे मजबूत नेताओं में में अपना स्थान रखते हैं, ओर वह समय समय पर केंद्र सरकार को विभिन्न विषयों पर घेरते भी रहते हैं । शरद पवार की महत्वाकांक्षा का कोई और या छोर नहीं है, ओर यह बात वह समय समय पर प्रकट भी करते रहते हैं। वह भी सरकार को असहिष्णु कहते हैं, परन्तु वह बात अलग है कि पिछले कुछ दिनों में शरद पवार के विरुद्ध बोलने पर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है, ओर इसके लिए सरकारी व्यवस्था का भी दुरूपयोग जम कर किया जा रहा है।

पिछले ही महीने शरद पवार के बारे में कथित रूप से अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप में एक अभिनेत्री केतकी चिताले को गिरफ्तार कर लिया गया था। उनके विरुद्ध आईपीसी की कई धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किये गए थे, और इतने समय उपरान्त भी वह जेल में ही हैं। केतकी को ठाणे पुलिस ने फेसबुक एक कविता लिखने के अपराध में में गिरफ्तार किया था, ऐसा बताया जा रहा है कि इस कविता में शरद पवार की ओर कथित तौर पर इशारा करते हुए लिखा गया था, ‘नरक इंतजार कर रहा है और आप ब्राह्मणों से नफरत करते हैं’।

यहाँ यह जानना अति महत्वपूर्ण है कि किस तरह से कानून व्यवस्था का दुरूपयोग किया जाता है, इस विषय में अलग समुदाय के लोगों ने अपने अपने इलाक़े में इस बात की शिकायत पुलिस को की और फिर पुलिस कुल मिलाकर 10 आपराधिक मामले दर्ज किये जिसमे केतकी को अपराधी ठहराया गया है। इस तरह से किसी व्यक्ति पर ढेरों एफआईआर कराने की वजह से प्रशासनिक दबाव बना कर गिरफ्तारी जल्दी कराई जाती है।

अभिनेत्री केतकी के साथ ही पनवेल में रहने वाले किरण इनामदार नामक युवा को भी ठाणे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। किरण एक फ़ास्ट फ़ूड की स्टाल लगा कर जीवनयापन करते हैं, उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने फेसबुक प्रोफाइल से केतकी की लिखी हुई पोस्ट को शेयर किया, ओर शरद पवार के विरुद्ध अपशब्दों का प्रचार प्रसार किया। जब इनामदार को ठाणे पुलिस गिरफ्तार कर लायी, तो एनसीपी के सैंकड़ो सदस्यों ने थाने को घेर लिया ओर उसके विरुद्ध आक्रामक नारेबाजी कर पुलिस पर दबाव डालने का प्रयास भी किया।

12 मई को एक फार्मेसी छात्र निखिल भामरे को भी गिरफ्तार किया गया है, ऐसा बताया जा रहा है कि उन्होंने भी शरद पवार के विरुद्ध एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट पर महाराष्ट्र के हाउसिंग मंत्री और एनसीपी के नेता जीतेन्द्र अहवाड ने आपत्ति जताते हुए पुलिस को निखिल के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जब मंत्री ही निर्देश देंगे तो कार्यवाही होनी ही है, निखिल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

निखिल को पहले नासिक पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया, बाद में न्यायालय ने उसे विधिक हिरासत में भेज दिया, जहाँ वह कई दिनों से जेल में ही है। सरकारी अधिवक्ता के अनुसार निखिल के ट्वीट से राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है, इसलिए उन्होंने न्यायलय से निखिल को छोड़ने को मना किया था। वहीं निखिल के अधिवक्ता के अनुसार वह एक छात्र हैं और उनका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं रहा है, ऐसे में उन्हें हिरासत में रखना गलत है।

यह वही एनसीपी है और शरद पवार हैं जो भीमा कोरेगाव हिंसा में पकडे गए वामपंथी और माओवादी अपराधियों को हिरासत में लेने पर केंद्र सरकार के विरुद्ध विषवमन करते हैं, जबकि वह लोग तो देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त थे और उनके विरुद्ध काफी ठोस सबूत भी थे। वहीं शरद पवार और उनकी पार्टी किसी भी आम इंसान की अभिव्यक्ति का गाला घोंटने के सभी प्रयास करते हैं, अगर उनके विरुद्ध कुछ लिखा जाए तो।

ऐसा करके शरद पवार और उनकी पार्टी लोगों में डर का माहौल बनाना चाहते हैं। लेकिन यहाँ प्रश्न है कि ऐसा वह कब तक कर पाएंगे ? और इस सम्बन्ध में मीडिया का मौन कहीं और अधिक घातक है।

Subscribe to our channels on Telegram &  YouTube. Follow us on Twitter and Facebook

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles

Sign up to receive HinduPost content in your inbox
Select list(s):

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.

Thanks for Visiting Hindupost

Dear valued reader,
HinduPost.in has been your reliable source for news and perspectives vital to the Hindu community. We strive to amplify diverse voices and broaden understanding, but we can't do it alone. Keeping our platform free and high-quality requires resources. As a non-profit, we rely on reader contributions. Please consider donating to HinduPost.in. Any amount you give can make a real difference. It's simple - click on this button:
By supporting us, you invest in a platform dedicated to truth, understanding, and the voices of the Hindu community. Thank you for standing with us.