“बदायूं में लव जिहाद केस में पहली सजा! अपहरण, रेप और धर्मांतरण के दोषी साकिर को 10 साल की जेल”, नवभारत टाइम्स, जुलाई 21, 2026
“बदायूं में अपहरण, दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े बहुचर्चित मामले में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने रिसौली निवासी साकिर हुसैन को विभिन्न धाराओं में दोषी करार देते हुए कुल 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायालय के आदेश के मुताबिक उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी आरोपी को 5 वर्ष के कठोर कारावास और ₹50 हजार के जुर्माने से दंडित किया गया है। न्यायिक सूत्रों के अनुसार, बदायूं जिले में इस अधिनियम के तहत दोषसिद्धि और सजा का यह पहला मामला है।
आठ दिन बाद रास्ते में छोड़कर फरार
बिल्सी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला के पति ने 27 मई 2025 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रिसौली निवासी साकिर हुसैन उसकी पत्नी और 10 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की। करीब आठ दिन बाद घेराबंदी के दौरान आरोपी महिला और उसकी बेटी को रास्ते में छोड़कर फरार हो गया……”
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