“’संभल में मारे गए 209 हिंदू, अब वापस आकर बसिए…’ CM योगी के बयान के बाद 1978 के दंगे की फाइलें री-ओपन”, जागरण, जून 03, 2026
“24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे विरोध में भड़की हिंसा के बाद 1978 का दंगा भी ताजा हुआ था। शासन और प्रशासन ने जब उस समय के दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि विभिन्न अदालतों में विचाराधीन 1978 दंगे के 16 मुकदमे दर्ज किए थे।
आठ मुकदमों को तत्कालीन मुलायम सरकार ने वापस लिया था। अन्य मुकदमे पैरवी के अभाव व गवाहों के मुकरने से खत्म हो गए थे। यह जानकारी शासन द्वारा 23 दिसंबर 1993 को डीएम मुरादाबाद को लिखा पत्र सामने आई थी। जिसमें वापस लेने वाले मुकदमों की बिंदुवार जानकारी दी गई है।
पत्र की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
बताया गया है कि पांच जनवरी 1994 को तत्कालीन जिला शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट में शासन के मुकदमे वापस लेने का पत्र दिया था। हालांकि, शासन के पत्र के बारे में कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं है। संभल में 29 मार्च 1978 को हिंसा भड़की थी। दंगे के दौरान कई हिंदुओं को जिंदा जला दिया था। इसके बाद सैकड़ों हिंदू परिवारों ने पलायन कर दिया……”
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