“टीका लगाने से ओवैसी हिंदू नहीं हो जाएंगे… निशिकांत दुबे ने संसद में क्यों कही ये बात”, नवभारत टाइम्स, मार्च 11, 2026
“लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जमकर सुना दिया। उन्होंने राहुल गांधी को ‘लीडर ऑफ अपोजिशन’ के बजाय ‘लीडर ऑफ प्रोपगेंडा’ करार दिया। अपनी बात रखते हुए निशिकांत दुबे ने ओवैसी का जिक्र करते हुए अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ये जो पायजामा-कुर्ता पहनकर मैं आया हूं न सर, ये ओवैसी साहब ने मुझे ईद पर दिया था। ओवैसी साहब मुझे टोपी पहनाने की कोशिश नहीं करते और मैं उनको टीका लगाने की कोशिश नहीं करता। बीजेपी सांसद ने कहा कि टोपी पहनने से मैं मुसलमान नहीं हो जाऊंगा और टीका लगाने से ओवैसी हिंदू नहीं हो जाएंगे।
‘हमारा मुसलमान के साथ कोई रिलेशन नहीं हो सकता’
निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि हम दोनों नदी की वो धारा हैं। मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कट्टर आदमी हूं। हमारा मुसलमान के साथ किसी भी प्रकार का कोई रिलेशन नहीं हो सकता। लेकिन जब देश की बात आई, ऑपरेशन सिंदूर की बात आई तो हम और ओवैसी एक साथ थे। मैंने और ओवैसी ने देश के लिए जो बात कहा वो सबसे जरूरी है सर। जब हम सऊदी अरब पहुंचे तो वहां के विदेश मंत्री ने कहा कि आपको पाकिस्तान के साथ बात करनी चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर निशिकांत दुबे ने कह दी बड़ी बात
बीजेपी सांसद ने बताया कि ओवैसी जब उनको समझाने में नाकामयाब हो गए तो उन्होंने मुझसे कहा कि निशिकांत जी आपको बोलना चाहिए और मैंने कहा था कि ये वो सरकार नहीं है। हम आपको सुनाने आए हैं। हम आपकी बात सुनने के लिए नहीं आए हैं। हम मनमोहन सिंह नहीं हैं कि 2008 में मुंबई बम ब्लास्ट हो गया और आपके कहने पर, इसी सऊदी अरब के दबाव में, इसी अमेरिका के दबाव में शर्म अल शेख में आपने जाकर समझौता कर लिया। एग्रीमेंट हो गया, पहली बार भारत सरकार ने कंप्रोमाइज करते हुए बता दिया कि बलूचिस्तान में जो कुछ हो रहा है उसमें भारत सरकार का योगदान है……”
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