संविधान और सनातन एक दूसरे के पूरक हैं यदि सनातनी समाज घटा तो संविधान का पालन करने वाले भी घटेंगे क्योंकि इस्लाम में तो शरीयत की प्राथमिकता सर्वप्रथम है और शरीयत में गैर इस्लामिक समाज का अस्तित्व ही हराम माना गया है जिसके चलते कश्मीर से लेकर पश्चिम बंगाल तक हिन्दुओ को काटा गया , स्त्रियों से दुराचार और नृसंघ हत्याएं की गयी लेकिन कोई कुछ नहीं कर पाया । संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आदरणीय बाबा साहेब स्वयं कहते थे की इस्लाम की संविधान में कोई निष्ठा नहीं है बाबा साहेब की पाकिस्तान विभाजन पुस्तक पढ़ो तो समझ आ जाएगा की उन्होंने संविधान के लिए सबसे बड़ा खतरा किसे बताया था पर राजनितिक लाभ लेने हेतु जय मीम के नारे लगने लगे हैं।
कुंडा विधायक राजा भैया ने सारस्वत सत्य कहा यदि सनातन समाज है तभी संविधान को मानने वाले हैं अन्यथा इस्लामिक मौलाना तो चीख चीख कर कहते हैं की इस्लाम में संविधान से पहले शरीयत है । आज जो लोग भी हिन्दू हैं वो सिर्फ अपने पूर्वजो के पुरुषार्थ के कारण हैं उनके पूर्वजों ने धर्म परिवर्तन नहीं किया था राजा भैया ने उन सभी को वीर महापुरुषों की संतान कहा। सत्य है चाहे किसी भी कुल या जाती में जन्म लिया हो पर हिन्दू बने रहने का अधिकार पूर्वजो के संघर्ष के कारण ही मिला बांग्लादेश हो या पकिस्तान बढ़ती मुस्लिम जनसंख्या के कारण वहां के किसी संविधान ने हिन्दुओ की रक्षा नहीं की, स्वयं जोगेंद्र नाथ मंडल जब पकिस्तान सरकार में मंत्री बने थे उन्हें भ्रम था की मीम बंधू उन्हें सम्मान देंगे लेकिन मजहबियों ने सारे कानून को ताक पर रखकर हिन्दुओ के साथ बर्बरता की जोगेंद्र नाथ तो भारत वापस आ गए पर उन हिन्दुओ की भयानक दुर्दशा हुई। ठीक इसी प्रकार बंगलादेश में जहाँ हिन्दुओ को जिन्दा जला दिया गया ,काट दिया गया क्यूंकि वो हिन्दू थे , किसी मीमबन्धु ने नहीं देखा की ये किस जाती के हैं संदेशखाली पश्चिम बंगाल भी याद होगा जहाँ किसी महिला की जाती नहीं पूछी गयी जिहादियों ने अपहरण कर करके बलात्कार किया और कोई कुछ नहीं कर पाया ,इस प्रकार की घटनाएं उन सभी स्थानों पर होती हैं जहाँ हिन्दुओ की जनसँख्या घट रही है । जब संविधान की जगह शरीयत मानने वालो की संख्या बढ़ जायेगी तो संविधान सुरक्षित रहेगा कैसे …जमीन जिहाद , थूक जिहाद मूत्र जिहाद ,लव जिहाद ,मेडिकल जिहाद क्या ये संविधान का हिस्सा हैं क्या इन्हे हिन्दू कर रहा है नहीं इन्हे वो मजहबी लोग कर रहे हैं जो गजवा ऐ हिन्द के स्वप्न को साकार करना चाहते हैं।
इसलिए राजा भैया ने गंभीर और स्पष्ट सन्देश दिया है की यदि सनातन नहीं बचा तो संविधान कैसे बचेगा इसलिए संविधान बचाना है तो सनातन को बचाना होगा सनातनी समाज को बचाना होगा।
—दिव्य अग्रवाल
