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Sunday, June 26, 2022

मुंडका के हृदयविदारक अग्निकांड में 29 की मृत्यु, नागरिक सुरक्षा पर कब बात करेंगे राजनीतिक दल?

दिल्ली में कल एक ह्रदय विदारक दुर्घटना हुई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पश्चिमी दिल्ली के मुंडका में शुक्रवार की रात भीषण अग्निकांड में लोगों की जिंदा जलकर मृत्यु हो गई, जबकि कई लोगों के विषय में जानकारी नहीं मिल पाई है। जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है और अबतक 12 अन्य लोग बुरी तरह झुलस गए हैं, जिनका उपचार चल रहा है।

यह दुर्घटना मुंडका के पिलर नंबर 545 के पास के एक इमारत में घटी, ऐसा माना जा रहा है कि यहाँ एक इलेक्ट्रिक सामानों का गोदाम था।
इस दुर्घटना ने लोगो को उपहार सिनेमा में लगी आग की घटना और उसमे काल कवलित हुए लोगो की याद दिला दी। एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस ने मिलकर बचाव अभियान चलाया एवं दुर्भाग्य की बात है कि मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।

इस दर्दनाक दुर्घटना पर राष्‍ट्रपत‍ि रामनाथ कोव‍िंंद, पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अम‍ितशाह, केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री न‍ित्‍यानंद राय, उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्र योगी आदित्यनाथ और द‍िल्‍ली के मुख्यमंत्री अरव‍िंद केजरीवाल समेत अनेकों लोगों ने अपनी गहरी संवेदना और दु:ख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के पर‍िजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार की आर्थ‍िक सहायता देने की घोषणा की गयी है।

दिल्ली सरकार ने इस दुर्घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं, और साथ ही मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख की राशि देने तथा घायलों को 50-50 हजार रूपए की सहायता राशि देने की की घोषणा की गई है।

कैसे लगी आग?

मुंडका के इस व्यावसायिक परिसर के पहले तल पर आग लगी, ऐसा बताया जा रहा है कि वहां एक इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बनाने की इकाई थी, जहां एक एयर कंडीशनर में धमाका होने से यह आग लगी है। ऐसा भी माना जा रहा है नियमो का उल्लंघन और अवैध निर्माण कार्य इसके लिए उत्तरदायी हो सकते हैं। दुर्घटना में घायल एक महिला ने बताया कि वह एक बैठक में थी, तभी एकाएक आग लगने का शोर मच गया। आग लगते समय वहां 300 के लगभग लोग होंगे, सभी बाहर भागने लगे, लेकिन वहां एकमात्र निकास द्वार था, और आग ने उस जगह को घेरा हुआ था, इसलिए सैकड़ो लोग वहां फंस गए।

तभी अचानक से बिजली चली गई और चहुओर धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे लोगो में ज्यादा अफरा-तफरी मच गई थी । बदहवास लोगो ने प्राण बचाने के लिए खिड़कियां तोड़ दी और नीचे उतरने के लिए रस्सियां ​​फेंकी, कुछ लोग बचने में सफल भी हुए, और कइयों को अपने प्राणों से हाथ भी धोना पड़ा, कई शव तो इतनी बुरी तरह जल गए हैं कि उनकी पहचान होना भी संभव नही।

दिल्ली पुलिस ने कार्यवाही आरम्भ की

आउटर ज‍िला डीसीपी समीर शर्मा के अनुसार द‍िल्‍ली पुल‍िस ने इस दुर्घटना को लेकर आईपीसी की व‍िभ‍िन्‍न धाराओं 304/308/120/34 के अंतर्गत एफआईआर नं. 462/22 दर्ज कर ली है। इलेक्‍ट्रान‍िक सामान के गोदाम और पैक‍िंग करने वाली इकाई के स्वामी हरीश गोयल और वरुण गोयल को पुलिस ने ह‍िरासत में ले ल‍िया था।

दिल्ली सरकार की अकर्मण्यता और उदासीनता

वहीं जनता में इस बात को लेकर भी आक्रोश एवं प्रश्न है कि क्या दिल्ली सरकार ने इस घटना के विषय में उदासीनता का परिचय दिया क्योंकि दूसरे प्रदेशो में हुई घटनाओं पर कुछ ही घंटो में प्रतिक्रिया देने और घटनास्थल पर पहुंचने वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल मुंडका की घटना के 19 घंटो बाद वहाँ पहुंचे। जिस स्तर की संवेदनशीलता और तुरंत कार्यवाही दिल्ली सरकार को दिखानी चाहिए थी, उसका इस घटना में कहीं न कहीं अभाव दिखाई दिया।

दिल्ली फायर सर्विसेज के प्रमुख अतुल गर्ग के अनुसार इस व्यावसायिक परिसर को फायर सर्विस विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र भी नहीं मिला था, और अत्यंत भीड़ भाड़ वाली इस जगह में दमकल की गाड़ियों को जाने में अतिरिक्त समय लगा, जिस वजह से कई लोगो की जान बचाने का अवसर हाथ से निकल गया।

यह घटना इस बात पर भी प्रश्न उठाती है कि आखिर कब नागरिक सुरक्षा को हमारे राजनेता गंभीरता से लेना आरम्भ करेंगे? तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री जो इन दिनों भारत विजय के अभियान पर निकले हुए हैं, वह अपने प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा पर कब ध्यान देंगे?

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