HinduPost is the voice of Hindus. Support us. Protect Dharma

Will you help us hit our goal?

HinduPost is the voice of Hindus. Support us. Protect Dharma
31.1 C
Varanasi
Wednesday, August 17, 2022

आल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक और हिन्दुओं के प्रति घृणा फैलाने वाले मोहम्मद जुबैर को धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया

फैक्ट चेकर अर्थात तथ्य जांचने का दावा करने वाली वेबसाईट altnews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

alt news के दूसरे संस्थापक प्रतीक सिन्हा ने ट्वीट करके बताया कि जुबैर को स्पेशल सेल ने वर्ष 2020 के एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसके खिलाफ उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर रोक पहले से ही लगी हुई है। हालांकि शाम को 6.45 के लगभग यह बताया गया कि किसी और एफआईआर के मामले में जुबैर को हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें अभी तक एफआईआर की कॉपी नहीं मिली है!

मोहम्मद जुबैर पर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है, दिल्ली पुलिस ने बताया कि जुबैर को आईपीसी की धारा 153ए/295ए के अंतर्गत दर्ज मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उसने पूछताछ में योगदान दिया और उसके खिलाफ ऑन रिकॉर्ड पर्याप्त प्रमाण होने के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस रिमांड में लिए के लिए उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

यह मामला एक होटल के साइनबोर्ड के माध्यम से हिन्दुओं की भावनाओं को अपमानित करने का है। पुलिस ने बताया कि एक होटल के साइन बोर्ड पर हनीमून होटल लिखा था, उसे हनुमान होटल कर दिया था। शिकायतकर्ता ने यह शिकायत की थी कि हनुमान जी को हनीमून के साथ जोड़ना अपमान है क्योंकि हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं। इसलिए इस व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए!

जुबैर के हिरासत में आते ही सक्रिय हुआ टूलकिट गैंग

जुबैर जिस इकोसिस्टम का हिस्सा है, उसकी शक्ति का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि जैसे ही जुबैर के हिरासत में जाने का समाचार वायरल हुआ वैसे ही twitter पर टूलकिट गैंग सक्रिय हो गया। राहुल गांधी से लेकर प्रियंका चतुर्वेदी तक, सब एक एक कर जुबैर के पक्ष में आ गए।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि जो भी भाजपा की घृणा और झूठ का पर्दाफाश करते हैं, वह उनके लिए एक धमकी हैं। सत्य हमेशा ही अत्याचार पर हावी होता है,

इस पर विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट किया कि हाँ, सत्य हमेशा ही अत्याचार से जीतता है, अंतत: सबसे साम्प्रदायिक एवं खतरनाक “अर्बन नक्सल” सलाखों के पीछे है!

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह सुनकर आघात लगा कि जुबैर को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है!

यहाँ तक कि कांग्रेस के शशि थरूर तक ने कहा कि जुबैर की गिरफ्तारी सत्य पर हमला है!

क्या था वह ट्वीट?

आखिर वह ट्वीट कौन सा था, जिस की शिकायत की गयी थी? एक यूजर ने वह ट्वीट साझा किया और लिखा था कि प्रियंका चतुर्वेदी क्या आप इसका समर्थन करती हैं?

जुबैर को पुलिस ने फैक्ट चेक करने के आरोप में नहीं बल्कि नफरती ट्वीट करने के आरोप में हिरासत में लिया है

जो भी लोग यह बात बार-बार कर रहे हैं कि क्या फैक्ट चेक करना पाप है, तो उन्हें यह बात समझनी चाहिए कि फैक्ट चेक या तथ्यों की जांच करने का अर्थ यह कतई नहीं हो जाता है कि कथित रूप से तथ्यों की जांच करने वाला हिन्दुओं के प्रति घृणात्मक बातें करे? यह भी नहीं भूलना चाहिए कि यह जुबैर ही है, जिस पर भारतीय जनता पार्टी की निलंबित नेता नुपुर शर्मा ने भी आरोप लगाया था कि यह जुबैर ही है जिसने उनके वीडियो को एडिट किया था और फिर साझा किया था।

सभी ने देखा था कि कैसे जुबैर ने वह हिस्सा काट दिया था, जिसमें दूसरा जो पैनालिस्ट था। वह नुपुर शर्मा को उकसा रहा था और महादेव पर अपमानजनक टिप्पणियाँ कर रहा था। और उसके बाद जो कुछ भी हुआ, वह देश ने देखा! जो कुछ मुस्लिम देशों ने किया वह किया ही, देश के भीतर भी नुपुर शर्मा का गला काटे जाने के नारे लगाए जाने लगे!

यह भी ध्यान में रखा जाए कि जैसे ही जुबैर के नफरती पोस्ट लोगों ने साझा करने आरम्भ किये थे वैसे ही जुबैर ने 13 जून 2022 को अपना फेसबुक खाता बंद कर दिया था।

लोगों ने उसके और भी ट्वीट और फेसबुक पोस्ट साझा किये:

कांग्रेस और अन्य दल तथा कथित आजादी के चैम्पियन, हिन्दू घृणा का साथ क्यों दे रहे हैं?

यह बात भी समझ से परे है कि आखिर क्यों राहुल गांधी से लेकर प्रियंका चतुर्वेदी, शशि थरूर तक हिन्दू घृणा का समर्थन क्यों कर रहे हैं? एफआईआर किसी भी फैक्ट चेक पर नहीं हुई है, फिर फैक्ट चेकर का शोर क्यों? एफआईआर हनुमान जी के प्रति अपमानजनक शब्द प्रयोग करने के कारण और इस कारण हुई है कि इस कृत्य से दो समुदायों के बीच घृणा फैलती और अशांति फ़ैल सकती थी!

दूसरों के धर्म पर पत्थर फेंककर अपने मजहब की रक्षा नहीं होती, यह बात जुबैर जैसे लोगों को समझ में आनी चाहिए क्योंकि अपनी आस्था का सम्मान और दूसरे की आस्था का अपमान, आस्था के स्तर पर दो मापदंड नहीं हो सकते हैं!

परन्तु भाजपा को नीचा दिखाने और उसका विरोध करने के चक्कर में अन्य राजनीतिक दल एक बार फिर से हिन्दुओं के विरोध में खड़े हो गए हैं, और एक बार फिर से पूरा इकोसिस्टम हिन्दू घृणा में आकंठ डूबे ट्वीट को क्रांतिकारी प्रमाणित करने में लग गया है!

Subscribe to our channels on Telegram &  YouTube. Follow us on Twitter and Facebook

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles

Sign up to receive HinduPost content in your inbox
Select list(s):

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.