“धर्मांतरण मामला: अपर्णा यादव के आरोपों पर केजीएमयू प्रशासन का जवाब, “सबसे कम समय में कार्रवाई की” ”, अमर उजाला, जनवरी 09, 2026
“ ‘केजीएमयू प्रशासन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है। उन्हें बचाने का काम कर रहा है। शुरुआत से ही मामले में लापरवाही करते आया है। जब भी को पीड़िता आयोग में न्याय की उम्मीद से जाती है तो उसे धमकाया जाता है। महिलाओं के साथ यह अन्याय नहीं सहा जाएगा।’
ये बातें राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार को केजीएमयू में प्रेसवार्ता में कहीं। उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने बताया कि वह केजीएमयू कुलपति सोनिया नित्यानंद से मुलकात कर प्रेसवार्ता करने आई थीं, लेकिन वीसी ने मुलाकात से इनकार कर दिया।
वीसी ऑफिस का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया गया। करीब दस मिनट तक वीसी ऑफिस के दरवाजे को वह खोलने के लिए कहती रहीं, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया। जब समर्थकों और हिंदू संगठन के लोगों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया तब जाकर दरवाजा खोला गया…..”
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